अब फोकस होगा माता-पिता पर
अधिकारी ने कहा कि हमने हाल ही में शिक्षा निदेशालय के साथ भागीदारी की और शिक्षकों के लिए एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया, ताकि उन्हें यह समझने में मदद मिल सके कि नशीली दवाओं का सेवन करने वाले छात्रों में शुरुआती चेतावनी के संकेत और व्यवहार में बदलाव को कैसे पहचानें। अब पुलिस पीटीएम के माध्यम से सीधे माता-पिता को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिससे कि परिवार के स्तर पर प्रारंभिक हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सके।
बनाए जाएंगे जानकारी से भरपूर वीडियो
पुलिस एम्स के पेशेवर परामर्शदाताओं की मदद से छोटे सूचनात्मक वीडियो बनाने की योजना भी बना रही है जो कि किशोरों में नशीली दवाओं के उपयोग के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक संकेतों को समझाते हैं।
सभी स्कूलों को जोड़ा जाएगा इस अभियान से
यह कार्यक्रम सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के लिए होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कार्यक्रम का दायरा पूरे शहर में बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्कूलों, परिवारों के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगी।