सभी वर्गों की भागीदारी से ही संभव है विकास
उन्होंने कहा कि अपने समाज के पीछे रह गए लोगों को कभी नहीं भूलना चाहिए। बड़ा बनना अच्छी बात है, लेकिन संघर्ष जीवन का हिस्सा होता है। जो लोग आगे बढ़ जाते हैं, उन्हें अपने अतीत को कभी नहीं भूलना चाहिए और पीछे छूट गए लोगों को भी अपने साथ आगे ले जाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने जैसे या थोड़ा बहुत अपने स्तर पर लाने के लिए एक-दो कदम आगे बढ़कर प्रयास करना चाहिए। देश के विकास के लिए सभी समाजों का योगदान आवश्यक है। समग्र विकास तभी संभव है जब सभी वर्ग, सभी समाज और सभी स्तर के लोग साथ मिलकर आगे बढ़ें। तभी हम सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त और विकसित राष्ट्र बन सकते हैं।
अपनी पहचान और विरासत को संजोने का संदेश
उन्होंने कहा कि अपनी पहचान को कभी नहीं भूलना चाहिए। जनजातीय समुदाय के हमारे पूर्वजों ने अपनी संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए बलिदान दिया है। जैसे भगवान बिरसा मुंडा, यह केवल एक नाम नहीं है, बल्कि ऐसे अनेक वीर इस देश और इसकी मिट्टी के लिए शहीद हुए हैं, जिनका इतिहास में जिक्र नहीं मिलता।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि "हम जनजातीय गौरव उत्सव मना रहे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन हमें उनके संघर्षों को भी याद रखना चाहिए, क्योंकि संघर्ष के बाद ही खुशी आती है। युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे विकास की धारा से जुड़ते हुए अपनी विरासत को संजोएं और उसका सम्मान करें।"
उन्होंने जनजातीय समुदाय के युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने लोगों को न भूलें। युवा शक्ति अपनी विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक के बल पर आगे बढ़े। इससे ही सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव होगा।