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Success: डर को जीवन का रेड सिग्नल न बनाएं, नई शुरुआत के लिए कंफर्ट जोन से बाहर आना जरूरी

Mon, 02 Dec 2024 07:25 AM IST
आकाश कुमार लारा गैलिंस्की, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Success: हम अक्सर बदलाव से कतराते हैं। खामियों के बावजूद जो हमें पसंद है, उसी से चिपके रहते हैं, लेकिन वास्तविक प्रगति अक्सर इससे परे होती है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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Harvard Harvard Business Review: डर अक्सर रेड सिग्नल अर्थात रुकने का संकेत देता है। हालांकि, डर ऐसी चीज नहीं है, जिससे आपको बचना चाहिए, क्योंकि यह किसी बड़े मुकाम की ओर बढ़ने और उसे हासिल करने का इशारा भी हो सकता है। डर सकारात्मक बदलाव के लिए उत्प्रेरक का काम करता है। चाहे वह कोई नई शुरुआत करना हो, कोई साहसिक निर्णय लेना हो, या अपने आराम क्षेत्र (कंफर्ट जोन) से बाहर कदम रखना हो, डर विकास और अवसर का संकेत होता है।

 

यह मानसिकता आपको चिंता को अवसरों में बदलने और अपने जीवन और कॅरिअर में सार्थक बदलाव लाने के लिए डर को एक शक्तिशाली मार्गदर्शक के रूप में इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है। हम अक्सर बदलाव से कतराते हैं। खामियों के बावजूद जो हमें पसंद है, उसी से चिपके रहते हैं, लेकिन वास्तविक प्रगति अक्सर इससे परे होती है।

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डर से कुछ नया सीखें

अपने डर को छिपाने के बजाय उसका सामना करें। यदि आप किसी विशेष गतिविधि या व्यक्ति से लगातार बच रहे हैं, तो अपने आप से 'क्यों' जैसा प्रश्न पूछने का साहस रखें। ऐसा करने के लिए ईमानदारी, प्रामाणिकता और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है। इससे आप जान पाएंगे कि डर आपके कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का एक सामान्य हिस्सा है। 
 
अपने डर को स्वीकार करने से कुछ नया सीखने का मौका मिलता है। इसके अलावा डर को एक चुनौती के रूप में देखें, जिससे आपको आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। साथ ही, डर का सामना करने से आपको उनसे लड़ने के बजाय उनके साथ काम करने की प्रेरणा मिलेगी। अनुपयोगी विचारों को खुद से दूर रखें और पूर्ण बनने का प्रयास न करें।

खुद से करें सवाल

हो सकता है किसी नए कार्य को करने पर कभी-कभी असफलता का सामना करना पड़े या फिर स्थिति बिल्कुल वैसी न हो जैसा आपने चाहा था। ऐसे में आपकी अपेक्षाओं का पूरा न हो पाना ही विफलता के डर का सबसे बड़ा कारण है। इसलिए खुद से पूछें कि क्या यह एक उचित डर है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है? क्या मेरे पास कोई ऐसा डर है, जो असुरक्षा और आत्म-संदेह से भरा हुआ है? कभी-कभी अंतर बताना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इससे आपको एक वास्तविक जवाब अवश्य मिलेगा। 
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उपहार के रूप में स्वीकार करें 

चाहे आप नई नौकरी शुरू कर रहे हों या किसी अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हों। इस बीच अपने आप को ऐसे लोगों के बीच शामिल करें, जो इन बड़े बदलावों में आपकी मदद कर सकें। इससे आपको बेहतर निर्णय लेने और चुनौतीपूर्ण अनुभवों का पूरे साहस और धैर्य के साथ सामना करने में मदद मिलेगी। 
 
लोगों द्वारा दी गई सलाह को उपहार के रूप में स्वीकार करें। अगर किसी ने विचार दिए हैं, तो उसके लिए उन्हें ईमानदारी से धन्यवाद कहें। अपने आस-पास ऐसे लोगों को रखें, जो आपको डर का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करें।
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