निदेशालय ने दिशा-निर्देशों में कहा है कि ऐसे सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल जहां साइंस, कॉमर्स व ह्यूमेनिटीज स्ट्रीम उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें भी नजदीकी सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से जोड़ा जाए, जहां ये स्ट्रीम उपलब्ध हों। निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों को स्कूलों में इस प्रकार विभाजित किया जाना चाहिए कि किसी एक स्कूल में काफी अधिक संख्या में छात्र न हो जाएं।
निदेशालय ने संबंधित डीडीई जोन को 27 मई तक दाखिला प्लान को संशोधित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्कूल स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा सके। डीडीई यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दाखिला प्रक्रिया में इन निर्देशों का पालन किया जाए। निर्देशों में स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके स्वयं के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त फीडर स्कूलों के विद्यार्थियों को उनकी पसंद और पात्रता मानदंडों के अनुसार दाखिला मिले। निजी स्कूल के छात्र जो कि सरकारी स्कूल में दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें जब नॉन प्लान दाखिले शुरू होंगे तब आवेदन करना होगा। बता दें कि शिक्षा व्यवस्था में यह बदलाव विद्यार्थियों की सुविधा के लिए किया जा रहा है। ताकि वह योजना के तहत अपनी पढ़ाई कर सकें।
फिलहाल ये है दाखिले की पात्रता
साइंस स्ट्रीम के साथ गणित लेने के इच्छुक छात्रों का दसवीं में कुल 55 फीसदी अंकों के साथ पास होना जरूरी है। इसके अलावा साइंस, अंग्रेजी व स्टैंडर्ड या बेसिक गणित में 50-50 फीसदी अंक होना जरूरी है। साइंस स्ट्रीम को गणित के बिना लेने के लिए भी दसवीं में 55 फीसदी के साथ पास होना जरूरी है। इसके साथ ही अंग्रेजी व साइंस में 50 फीसदी और स्टैंडर्ड गणित में 45 और बेसिक गणित में 40 फीसदी अंकों की अनिवार्यता रखी गई है।
कोई छात्र कॉमर्स स्ट्रीम के साथ गणित लेने का इच्छुक है तो उसके लिए 50 फीसदी के साथ पास होना जरी है। जबकि अंग्रेजी, सोशल साइंस में 45-45 फीसदी और स्टैंडर्ड गणित या बेसिक गणित में 50 फीसदी अंक की अनिवार्यता रखी गयी है।
गणित के बिना कॉमर्स लेने के लिए भी पास प्रतिशत 50 फीसदी होना चाहिए इसके अलावा अंग्रेजी, हिंदी व सोशल साइंस में 45-45 फीसदी अंक जरूरी है। आर्ट्स ( ह्यूमेनिटीज) में दाखिले के लिए केवल दसवीं में पास होना जरूरी है। यदि किसी को आर्ट्स के साथ इकोनॉमिक्स विषय भी पढऩा है तो इसके लिए 45 फीसदी अंक अनिवार्य हैं और गणित पढ़ना है तो उसके लिए 50 फीसदी अंक होने चाहिए।