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EWS Admission: दिल्ली के निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस प्रवेश के लिए आयसीमा बढ़ाकर की गई 2.5 लाख; पढ़ें अपडेट

Thu, 14 Nov 2024 08:56 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

EWS Admission: शिक्षा निदेशालय, दिल्ली ने राजधानी के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के दाखिले के लिए आय सीमा को बढ़ा दिया है। यह सीमा अब तक एक लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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Delhi: दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के दाखिले के लिए आय सीमा में बदलाव किया है। निदेशालय ने आयसीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया है। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के तहत, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। 

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2,50,000 कर दी आयसीमा

एक आधिकारिक राजपत्र में शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचित किया कि दिल्ली स्कूल शिक्षा आदेश के पिछले उप-खंड को संशोधित किया गया है और उसके स्थान पर "ऐसा बच्चा जिसके माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय दो लाख पचास हजार रुपये से कम है और जो दिल्ली में रह रहे हैं" रखा गया है। इसका अर्थ है कि अब जिन बच्चों के माता पिता की आय 2,50,000 से कम है वे प्रवेश ले सकते हैं।
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इससे पहले 1 लाख थी सीमा

2004 में, दिल्ली ईडब्ल्यूएस आय सीमा बालिकाओं के मामले में 48,000 रुपये और बालकों के मामले में 60,000 रुपये थी। 2005-06 में, आय सीमा को संशोधित कर लड़के और लड़कियों दोनों के लिए 1 लाख रुपये कर दिया गया था। 

4 मार्च, 2024 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश पीठ के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें कमजोर वर्ग श्रेणी के तहत पात्रता के लिए आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का आदेश दिया गया था। 

नतीजतन, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत पात्रता के लिए आय सीमा को अगले नोटिस तक अस्थायी रूप से 5 लाख रुपये के बजाय 2.5 लाख रुपये पर सेट कर दिया गया। सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का न्यायालय का आदेश पिछले साल दिसंबर में आया था। 

2013 में उच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद, "कमजोर वर्गों के बच्चों" से संबंधित नियम को बदल दिया गया था। विशेष रूप से, दिल्ली स्कूल शिक्षा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के छात्रों के लिए निःशुल्क सीटें) आदेश, 2011 से "पिछले तीन वर्षों से" वाक्यांश को हटा दिया गया था।
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