विशेषज्ञ बनने का जरिया
कई बार करिअर में आगे बढ़ने के लिए किसी विशेष डिग्री या कौशल की जरूरत पड़ती है, लेकिन समय के अभाव में ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में यह दूरस्थ शिक्षा कारगर साबित होता है।
अगर आप कामकाजी महिला हैं और आगे पढ़ना या अपने कौशल बढ़ाना चाहती हैं, तो यह विकल्प आपके लिए एकदम सही है। बिना किसी आर्थिक समस्या के आप डिस्टेंस लर्निंग के जरिये काम करते हुए भी किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकती हैं।
संतुलित दृष्टिकोण
अक्सर महिलाओं से परिवार पर ध्यान केंद्रित करने की अपेक्षा की जाती है, जबकि पुरुषों को इनकी तुलना में काम के अधिक अवसर दिए जाते हैं। दूरस्थ शिक्षा इन बाधाओं को तोड़ने का एक तरीका है। इसके जरिये महिलाएं अपनी योग्यता में सुधार करके बेहतर नौकरी पा सकती हैं। इसकी सहायता से महिलाएं काम, पढ़ई और घरेलू जीवन में बेहतर संतुलन बना सकती है।
औपचारिक शिक्षा से परे
महिलाओं का ध्यान केवल पारंपरिक शिक्षा पर नहीं होना चाहिए, बल्कि कौशल के विकास और अनुप्रयोगों को प्रोत्साहित करने पर भी होना चाहिए। दूरस्थ शिक्षा के जरिये ऐसा संभव हो सकता है।
इससे केवल औपचारिक शिक्षा ही नहीं मिलती, बल्कि व्यावहारिक कौशल और करिअर से जुड़े प्रशिक्षण प्राप्त करने के भी मौके मिलते हैं। दूरस्थ शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के बारे में भी है।
कुछ उदाहरण
अगर बात भारत की करें, तो कई संस्थान जजैसे डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) और इग्नू आदि महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम प्रदान करते हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों मोड में वीकेंड क्लास होने की सुविधा, क्लासरूम लेक्चर का सीधा प्रसारण और प्रिंटेड अध्ययन समाग्री की आसान उपलब्धता ने राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी में बीए ऑनर्स को लड़कियों के बीच लोकप्रिय बना दिया है।