सीबीएसई के फैसले पर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने कहा कि दिसंबर 2025 में सीबीएसई की बैठक में यह तय किया गया था कि जब तक एनसीईआरटी नई भाषा की किताबें जारी नहीं करता, तब तक स्कूल पुरानी व्यवस्था के अनुसार पढ़ाई जारी रखें। उनका कहना है कि इस फैसले के बावजूद सीबीएसई ने नई भाषा नीति लागू करने का निर्देश दे दिया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीबीएसई ने 15 मई 2026 को जारी एक आदेश में 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीसरी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया। जबकि एनसीईआरटी ने अभी तक इसके लिए नई किताबें जारी नहीं की हैं। ऐसे में स्कूलों को कक्षा 6 की किताबें इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे स्कूलों और छात्रों को परेशानी हो सकती है और उनकी पढ़ाई की योजना प्रभावित हो सकती है।
छात्रों के हित में तुरंत फैसला लेने की अपील
दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर जल्द और संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य सही और सोच-समझकर लिए गए नीतिगत फैसलों पर निर्भर करता है। सिंह ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने हाल ही में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और NTA की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था और इसकी जांच CBI कर रही है, जबकि दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है।