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Digital Education: उपराष्ट्रपति नायडू बोले- एडल्ट एजुकेशन, स्किल ट्रेनिंग और वित्तीय साक्षरता को दें बढ़ावा

सार

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने एक कार्यक्रम के दौरान, निजी क्षेत्र समेत सामाजिक संगठनों व लोगों से एडल्ट एजुकेशन, स्किल ट्रेनिंग पर सरकार के प्रयासों में योगदान देने की कि अपील 
 
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उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू - फोटो : ANI
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विस्तार
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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार 19 दिसंबर,2021 को एक कार्यक्रम में निजी क्षेत्र के साथ सभी सामाजिक संगठनों व लोगों  से आगे आने और वयस्क शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में सरकार के साथ मिलकर काम करने की बात कही। युवाओं को साक्षर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए, उन्होंने आम लोगों के बीच डिजिटल साक्षरता और वित्तीय साक्षरता पर फोकस करने पर रोशनी डाली।

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आईटी क्षेत्र में तरक्की के बाद भी अशिक्षितों की संख्या अधिक

रविवार 19 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में नेहरू और टैगोर साक्षरता पुरस्कार प्रदान करने के बाद समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह निराशाजनक है कि आईटी और डिजिटलीकरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बहुत तरक्की करने के बावजूद, भारत में अभी भी दुनिया के सबसे अधिक अशिक्षित व्यक्ति हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान करते हुए उन्होंने इच्छा जताई कि साक्षरता अभियान को एक जन आंदोलन बन जाना चाहिए।


शिक्षित युवा अन्य युवाओं को सिखाएं डिजिटल के गुर

उपराष्ट्रपति सचिवालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने गांवों और कॉलोनियों के हर शिक्षित युवा को आगे आने की बात कही। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि प्रत्येक शिक्षित युवाओं को अपने क्षेत्रों व समुदायों के कम से कम एक व्यक्ति को यह सिखाना चाहिए कि कैसे लिखना है और डिजिटल उपकरणों को कैसे उपयोग करना है और सरकारी योजनाओं का लाभ किस प्रकार उठाना है। उन्होंने इसे उनका पीएसआर - व्यक्तिगत सामाजिक उत्तरदायित्व करार दिया। उन्होंने कहा कि 'प्रत्येक व्यक्ति, एक व्यक्ति को सिखाए' केवल एक नारा भर नहीं रह जाना चाहिए, बल्कि यह युवाओं के लिए एक प्रेरक शक्ति बन जानी चाहिए।

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साक्षर और शिक्षित देश बनाने का सभी लें संकल्प

भारतीय वयस्क शिक्षा संघ (आईएईए) द्वारा इन पुरस्कारों प्रदान किया। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थानों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा और राष्ट्रीय विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वयस्क शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कार विजेताओं की प्रशंसा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने सभी से भारत को पूरी तरह से साक्षर और शिक्षित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेने को कहा। साक्षरता और शिक्षा लोगों को मिलाती है, उन्हें स्वतंत्र बनाती है। यह बदलाव और प्रगति के बुनियाद को मजबूत करती है। लिखने-पढ़ने की उच्च दर सीधे तौर पर किसी भी देश की आर्थिक विकास और उसके नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में अहम योगदान देते हैं। भारत जैसे देश में साक्षरता और भी अधिक महत्वपूर्ण है।


 
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