भारत–ऑस्ट्रेलिया शिक्षा सहयोग पर प्रमुख फोकस
चर्चा में कई प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा संबंधों को मजबूत करना प्राथमिकता होगी, खासकर उन सात ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की प्रगति पर जिन्होंने भारत में अपने परिसर स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।
दोनों पक्ष शिक्षक शिक्षा मानकों और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा योग्यताओं को संरेखित करने पर चल रहे कार्य की भी समीक्षा करेंगे।
एक अन्य महत्वपूर्ण विषय शिक्षा वितरण में नवाचार होगा, एक ऐसा क्षेत्र जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ वर्षों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मजबूत करने में एआईएसईसी की अहम भूमिका
ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस वक्तव्य में कहा, "भारत ऑस्ट्रेलिया के सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा साझेदारों में से एक है। एआईएसईसी दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा शिक्षा, अनुसंधान और कौशल आधार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल में न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय, फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय, वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय और जेम्स कुक विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया के कौशल एवं शिक्षा नियामक निकायों, TEQSA, जॉब्स एंड स्किल्स ऑस्ट्रेलिया, ASQA और ACARA के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।