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Delhi University: लगातार दो वैल्यू एडीशन कोर्से न चलाएं कॉलेज; डीयू ने दिए शिक्षण संस्थानों को निर्देश

Fri, 26 Jul 2024 02:49 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

DU: दिल्ली विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से लगातार दो थ्योरी या प्रैक्टिकल वैल्यू एडीशन कोर्सेज आयोजित न करने का निर्देश दिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि इससे छात्रों के सीखने के अनुभवों का नुकसान होता है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय, Delhi University - फोटो : University Of Delhi
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विस्तार
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Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय ने गुरुवार को कॉलेजों से लगातार दो सैद्धांतिक या व्यावहारिक (Theory or Practical) वैल्यू एडीशन कोर्सेज (VAC) आयोजित न करने का आग्रह किया। विश्वविद्यालय ने कहा, "यह इसलिए किया गया क्योंकि कुछ कॉलेज लगातार दो मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम (VAC) कक्षाएं निर्धारित कर रहे थे। यह कदम छात्रों के सीखने के अनुभवों के लिए हानिकारक होगा।"

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विश्वविद्यालय ने अधिसूचना में कहा, "इस बात को ध्यान में रखते हुए, यह सलाह दी जाती है कि मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम अनुसूची में लगातार दो सैद्धांतिक/व्यावहारिक कक्षाएं शामिल नहीं होनी चाहिए। कॉलेजों को मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रमों के लिए प्रतिदिन दो घंटे से अधिक समय आवंटित नहीं करना चाहिए।"

विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से कहा है कि इन निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन किया जाना चाहिए। हालांकि, नए दिशा-निर्देशों को अकादमिक समुदाय के भीतर से काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय अकादमिक परिषद के सदस्य मिथुराज धुसिया ने इसे केवल दिखावटी बदलाव करार देते हुए कहा कि ये पर्याप्त नहीं हैं।

धुसिया ने कहा, "छात्र और शिक्षक लगातार इन VAC पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहे हैं, ऐसे समय में जब अनुशासन-विशिष्ट विशेषज्ञता के लिए अधिक समय समर्पित करने की आवश्यकता है।"

आलोचना में शामिल होते हुए, मिरांडा हाउस की एसोसिएट प्रोफेसर आभा देव ने प्रक्रियात्मक और व्यावहारिक मुद्दों की ओर इशारा किया।

देव ने कहा, "सक्षम प्राधिकारी VAC पाठ्यक्रमों के लिए लगातार चार घंटे निर्धारित करने के लिए कॉलेजों को दोषी ठहराते हैं। नोटिस में इस तथ्य पर चुप्पी साधी गई है कि ये निर्णय कॉलेजों द्वारा नहीं बल्कि क्लस्टर समन्वयकों द्वारा लिए जाते हैं, जिन्हें एक ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किया जाता है। आज, कॉलेजों को किसी भी समय सारिणी की कवायद शुरू करने से पहले क्लस्टर समन्वयकों द्वारा VAC और SEC स्लॉट तय किए जाने का इंतजार करना पड़ता है।"

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