क्या है सेमेस्टर अवे प्रोग्राम?
प्रस्ताव के अनुसार, यह प्रोग्राम स्नातक पाठ्यक्रम ढांचा 2022 के तहत लागू किया जाएगा। इसके जरिए छात्र अपने डिग्री प्रोग्राम का एक हिस्सा भारत में और एक हिस्सा विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों (FHEI) में पूरा कर सकेंगे। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को बेहतर वैश्विक एक्सपोज़र, नई शिक्षण पद्धतियों, रिसर्च, इंटर्नशिप और मल्टीडिसिप्लिनरी अनुभव देना है।
किसे मिलेगा मौका?
- यह सुविधा उन अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए होगी, जिन्होंने 2022-23 सत्र या उसके बाद दाखिला लिया है।
- छात्र तीसरे, पांचवें या सातवें सेमेस्टर में इस प्रोग्राम का विकल्प चुन सकेंगे, ताकि उनकी डिग्री समय पर पूरी हो सके।
क्रेडिट और पढ़ाई से जुड़े नियम
प्रस्ताव के मुताबिक:
- छात्र एक सेमेस्टर के दौरान विदेशी संस्थान में पढ़ाई कर सकेंगे।
- न्यूनतम 12 और अधिकतम 26 क्रेडिट पूरे करने होंगे।
- डिग्री की आवश्यक शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
इंटर्नशिप और ट्रेनिंग का भी मिलेगा मौका
डीयू के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता के अनुसार, इस योजना के तहत छात्र विदेश में इंटर्नशिप या ट्रेनिंग भी कर सकेंगे, बशर्ते वे अपने कोर्स की आवश्यकताओं को पूरा करें।
आर्थिक सहायता भी मिल सकती है
यूनिवर्सिटी आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को इस प्रोग्राम के लिए वित्तीय सहायता देने पर भी विचार कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इसका लाभ उठा सकें।
यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत पहले से लागू मल्टीपल एग्जिट ऑप्शन को और मजबूत करेगा और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने का मौका देगा।