कुलपति योगेश सिंह ने बताया ऐतिहासिक क्षण
इसे विश्वविद्यालय के इतिहास का “ऐतिहासिक क्षण” बताते हुए कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि यह पूरी डीयू बिरादरी के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों, छात्रों, गैर-शिक्षण स्टाफ, पूर्व छात्रों और सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयास का नतीजा है। यह हमें उच्च मानक स्थापित करने और शिक्षण, शोध व समाज सेवा में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयां छूने के लिए प्रेरित करता है।”
कुलपति ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि डीयू शिक्षा, शोध और सामुदायिक जुड़ाव में सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने और देश के अग्रणी उच्च शिक्षा संस्थानों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।