डीयू के अंग्रेजी विभाग द्वारा पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलाव के चलते राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) चुनाव में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डॉ. एके भागी ने पाठ्यक्रम बदलाव का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी में 1000 से ज्यादा शिक्षकों का मत चंद शिक्षक अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं की पूर्ति के लिए बगैर चर्चा निर्धारित कर रहे हैं।
पूर्व कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. भागी ने रविवार को एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ वामपंथी विचारधारा के समर्थक इस बदलाव के पक्ष में समूचे विश्वविद्यालय शिक्षकों की राय को दरकिनार करने में जुटे हैं। पाठ्यक्रम में अनुचित बदलावों का विरोध शिक्षक करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम एक ऐसा विषय है जिस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन वामपंथी विचारधारा के समर्थन सदैव इस दिशा में प्रयासरत रहते हैं। इस बार भी डीयू में सक्रिय कुछ लोग पाठ्यक्रम के सहारे अपना विशेष एजेंडा चलाना चाहते हैं, जिससे छात्रों पढ़ाई प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि इस बार लंबित पड़ी शिक्षकों की नियुक्ति व पदोन्नति, सातवें वेतन आयोग का लाभ शिक्षकों को दिलाने, यूजीसी के नियमों की विश्वविद्यालय में अनुपालन मुख्य विषय हैं। डूटा की सत्ता पर काबिज वामपंथी नेतृत्व को इन विषयों पर नाकामी का खामियाजा भुगतना होगा।
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