दिल्ली विश्वविद्यालय की आखिरी व पांचवीं कट ऑफ में सामान्य के लिए चांस कम हैं जबकि आरक्षित श्रेणियों के छात्रों के लिए ज्यादा मौके हैं। इस कट ऑफ में कैंपस कॉलेजों के मुकाबले में आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों में दाखिले के ज्यादा चांस है।
कई कॉलेज ऐसे हैं जहां दाखिले रद्द कराने पर ही मौका मिल सकता है। कट ऑफ में गिरावट की बात की जाए तो औसतन 0.25 फीसदी से लेकर 2 फीसदी हुई है। अब इस कट ऑफ के आधार पर 12 जुलाई व 14 जुलाई को दाखिले किए जाएंगे।
डीयू अधिकारियों के अनुसार यह अंतिम कट ऑफ है लिहाजा छात्र इस कट ऑफ में दाखिला रद्द कराने का खतरा न मोल लें। यदि आगे कट ऑफ की गुंजाइश नहीं बनी तो दाखिला लेना मुश्किल हो जाएगा।
प्रशासन इस कट ऑफ के दाखिले संपन्न होने के बाद ही विश्लेषण करेगा कि कितनी सीटें बची हैं। पांचवीं कट ऑफ के लिए अभी लगभग पांच हजार सीटें खाली हैं। उम्मीद है कि तीन दिनों में यह सीटें भी भर जाएंगी।
कॉलेजों में कट ऑफ की बात की जाए तो रामजस कॉलेजों में सामान्य के लिए बीए की कट ऑफ 93.75, ईको की 96.25, अंग्रेजी के लिए 94.5, इतिहास के लिए 94, बीकॉम ऑनर्स 96.25, बॉटनी 91, गणित में 95.25, फिजिक्स में 96 फीसदी रखी गई है।
वहीं, हिंदू कॉलेज में 18 कोर्सेज में से सामान्य के लिए सभी कोर्सेज में दाखिले बंद हो गए हैं। यहां पीडब्लयूडी व कश्मीरी विस्थापितों के लिए ही चांस है। किरोड़ीमल कॉलेज में सामान्य की बीए कट ऑफ 93.5, हिंदी ऑनर्स की 87, ईको की 96.5, बीकॉम ऑनर्स 96.5, बीकॉम 96.25, बॉटनी की 92.66 व मैथमेटिक्स ऑनर्स की 95.25 फीसदी रही है।
यहां ओबीसी, पीडब्लयूडी व कश्मीरी विस्थािपितों के लिए चांस है। वहीं, शिवाजी कॉलेज में सामान्य के लिए बीकॉम ऑनर्स, बीकॉम, अंग्रेजी, इतिहास ऑनर्स, जूलॉजी व बॉटनी ऑनर्स में ही दाखिले का चांस है।