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डीयू : अंतिम वर्ष के छात्रों की ओपन बुक परीक्षा कल से, प्रश्नपत्रों के लिए ईमेल आईडी जारी

Sun, 06 Jun 2021 05:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 

सार

  • डीयू ने प्रश्नपत्रों के लिए जारी की अलग-अलग ईमेल आइडी
  • छात्रों को प्रश्नपत्र डाउनलोड करने व उत्तर पुस्तिका को अपलोड करने के लिए भी अलग से समय मिलेगा 
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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एसओल के अंतिम वर्ष के छात्रों की ओपन बुक परीक्षाएं सोमवार से शुरू होने जा रही हैं। इसे लेकर डीयू ने अलग-अलग प्रश्नपत्र के लिए 450 से भी अधिक ईमेल-आइडी को जारी कर दिया है। छात्रों को प्रश्नपत्र डाउनलोड करने व उत्तर पुस्तिका को अपलोड करने के लिए भी अलग से समय मिलेगा।

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एसओएल ओएसडी प्रो. उमाशंकर पांडेय ने बताया कि प्रश्नपत्र को डाउनलोड करने के लिए तीन घंटे व उत्तर पुस्तिका पोर्टल पर अपलोड करने के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है। छात्रों के पास कुल चार घंटे का समय रहेगा। पांडेय ने बताया कि यदि इस दौरान किसी छात्र के साथ कोई तकनीकि परेशानी होती है तो उसे अतिरिक्त एक घंटे का समय दिया जाएगा। इसके लिए उसे  कॉपी को पोर्टल पर अपलोड करते समय तकनीकी खामी के स्क्रीन शॉट भी अपलोड करने होगा। इन छात्रों की कॉपी को जांचने का निर्णय का अधिकार समीक्षा कमेटी के पास रहेगा। 

उन्होंने कहा कि यदि पांच घंटे में भी छात्र उत्तर पुस्तिका पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पाए तो डीयू 30 मिनट अतिरिक्त भी प्रदान करेगा। इस समय यानि तीस मिनट में कॉपी को डीयू की दूसरी ईमेल आइडी पर भेजना अनिवार्य होगा। 
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पांडेय ने बताया कि परीक्षा पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद डैशबोर्ड पर ईमेल आइडी संबंधी पूरी लिस्ट दिखने लगेगी। बीए प्रोग्राम, बीए ऑनर्स अंग्रेजी, बीकाम , बीए ऑनर्स राजनीति  विज्ञान व बीकाम आनर्स के सभी प्रश्नपत्रों की अलग- अलग ईमेल आइडी जारी कर दी गई है। छात्र परीक्षा देने के बाद डैशबोर्ड पर ईमेल देख उत्तर पुस्तिका भेज सकेंगे।

उन्होंने कहा कि डीयू ने छात्रों को सख्त तौर पर कहा है कि पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका अपलोड होने की समयावधि समाप्त होने के बाद ही ईमेल किया जाए। जो छात्र देरी से कॉपियां भेजेगा उसका परिणाम भी देरी से जारी किया जाएगा।

लंबित परिणाम जारी करने की मांग

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन(डूसू) ने डीयू के 70 कॉलेजों से लंबित परिणाम जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही असांइनमेंट जमा करने के लिए मौका देने के साथ विकल्प के तौर पर दोबारा प्रैक्टिकल आयोजित करने के लिए कहा है। इस संबंध में कॉलेज के प्रिंसिपल व शिक्षकों को पत्र जारी किया गया है। 

डूसू ने पत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय प्रिंसिपल यूनियन(डूपा) व दिल्ली विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन(डूटा) से मांग करते हुए कहा है कि अंकों के मूल्यांकन(इवीए) में उपस्थिति को शामिल न किया जाए। पत्र में लिखा गया है कि लंबित सेमेस्टर के विभिन्न विषयों का परिणाम अभी आना बाकी है। ऐसे में निवेदन है कि जल्द से जल्द शिक्षकों को निर्देश देकर लंबित पेपर के परिणाम को जारी किया जाए। 

पत्र में कहा गया है कि जो मध्यवर्ती छात्र असाइनमेंट आधारित परीक्षाएं(एबीइ) दे रहे हैं उन्हें असाइनमेंट को जमा करने के लिए अतिरिक्त मौका दिया जाना चाहिए। साथ ही कॉलेजों से बिना मूल्यांकन के प्रैक्टिकल आयोजित करने की भी मांग की गई है। डूसू ने लिखा कि यह देखने में आया है कि ऑनलाइन मॉड के तहत सीखने की प्रक्रिया में कमी आई है। विशेषतौर पर इसका प्रभाव प्रैक्टिकल में रहा है।

इसको देखते हुए डूसू ने बिना मूल्यांकन के दोबारा से प्रैक्टिकल आयोजित कराने की मांग की है। यह मांग उन छात्रों के लिए की गई है जो सीखने के तौर पर इस विकल्प को अपनाना चाहते हैं।
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दाखिले के लिए इस बार भी नहीं देगा होगा ईसीए का ट्रायल

दिल्ली विश्विद्यालय (डीयू) में इस बार भी एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी(ईसीए) व स्पोर्ट्स कोट के तहत होने वाले दाखिले में ट्रायल नहीं रखा जाएगा। साथ ही पिछले वर्ष की तरह से इस बार भी दाखिला प्रक्रिया रहेगी।

डीयू के कुलपति प्रो. पीसी जोशी ने कहा कि कोरोना के हालात को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा जिस प्रकार पिछले वर्ष इन दोनों कोटे में विवि ने सिर्फ सर्टिफिकेट के आधार पर दाखिला प्रक्रिया अपनाई थी। ठीक इसी प्रकार यह प्रक्रिया जारी रहेगी और किसी भी प्रकार का ट्रायल नहीं होगा। जोशी ने कहा कि क्योंकि, अभी परिस्थिति बेहतर नहीं है, इसलिए इस बार भी दाखिला प्रक्रिया को कांटेक्ट लेस बनाया जा रहा है। 

गत वर्ष डीयू के इस फैसले का काफी विरोध हुआ था। यहां तक कि मामला कोर्ट में भी पहुंचा था, जिसे डीयू ने जायज ठहराया था। डीयू का कहना था कि स्थिति सामान्य होने पर फिर पहले की तरह प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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