निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी, व पहली कक्षा में दाखिले के लिए आर्थिक पिछड़े वर्ग- वंचित वर्ग व चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड की 25 फीसदी सीटों के लिए हुए ड्रॉ में आवंटित स्कूल में ही दाखिला लिया जा सकेगा। किसी परिस्थिति में आवंटित स्कूल को बदला नहीं जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने इन सीटों पर मंगलवार को हुए ड्रा के बाद बुधवार को दाखिले के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि निजी स्कूल दूरी को आधार बनाकर दाखिले से मना नहीं कर सकते हैं। शैक्षणिक सत्र 2021-22 की आवेदन प्रक्रिया के तहत इस बार 1, 26, 738 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के आधार पर ही मंगलवार को पहला कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ निकाला गया। ड्रॉ में सफल रहे बच्चों की सूची शिक्षा निदेशालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है।
इसी केसाथ ड्रॉ में चयनित हुए बच्चों के लिए दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत भी हो गई है। दिशा-निर्देशों के मुताबिक स्कूल दाखिले केलिए ड्रॉ में चयनित बच्चों से ट्यूशन फीस नहीं ले सकते। अभिभावकों को लॉटरी में आवंटित स्कूल में ही बच्चों को दाखिला मिलेगा। यदि दाखिले के समय कोई जरुरी दस्तावेज फर्जी पाया जाता है तो दाखिला रद कर दिया जाएगा।
30 जून तक नहीं लिया तो प्रवेश रद्द
लॉटरी में चयनित हुए बच्चों को 30 जून से तक आवंटित स्कूल में दाखिला लेना होगा। इस तय तिथि तक दाखिला नहीं लिए जाने पर दाखिला रद कर दिया जाएगा। निदेशालय ने गाइडलाइंस में स्पष्ट किया है कि स्कूल इस वर्ग के बच्चों से ट्यूशन फीस नहीं लेंगे और उन्हें वर्दी, किताबें निशुल्क उपलब्ध करानी होगी।
साथ ही स्कूल उन पर राजपत्रित अधिकारी केहस्ताक्षर वाले दस्तावेज जमा कराने के लिए दबाव नहीं बना सकते। इसी तरह से स्कूल वंचित वर्ग केअभिभावकों से आय प्रमाण पत्र नहीं मांग सकते हैं। आधार या किन्हीं दस्तावेजों में नाम अलग-अलग होने पर भी स्कूल दाखिले से मना नहीं कर सकेंगे।