NTA की दलील और अदालत का फैसला
एनटीए की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि पांच प्रश्नों में से केवल एक प्रश्न के लिए उम्मीदवार को अंक दिए गए। बाकी चार प्रश्नों में खान ने विकल्प को पूरी तरह से नहीं भरा और केवल बिंदु चिह्न लगाया, जिससे OMR स्कैनर ने उन्हें ‘अनुत्तरित’ मान लिया।
याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि NEET (UG) 2025 के सभी अभ्यर्थियों को OMR शीट भरने के निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि खान अच्छी तरह जानते थे कि यदि उन्होंने निर्देशानुसार गोले को गहरा नहीं किया, तो OMR स्कैनर उनके उत्तर को मान्य नहीं करेगा।
अदालत ने कहा, "जैसा कि OMR शीट से स्पष्ट है, याचिकाकर्ता ने पूरा गोला गहरा नहीं किया। जहां तक प्रश्न 140 और 141 का संबंध है, याचिकाकर्ता ने केवल बिंदु लगाए। प्रश्न 137 और 139 के लिए पूरा गोला गहरा नहीं किया गया। इसी कारण से OMR स्कैनर याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए उत्तर को पढ़ने में विफल रहा और उसे इसके लिए अंक नहीं दिए गए।"