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Delhi: 'प्रदूषण के दौरान आउटडोर खेल रोकने पर रिपोर्ट दें', दिल्ली हाईकोर्ट का SFIG और शिक्षा निदेशालय को आदेश

Wed, 19 Nov 2025 07:53 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi HC: दिल्ली हाई कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय व SFIG से प्रदूषण के महीनों नवंबर-जनवरी में आउटडोर खेल टूर्नामेंट न कराने पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। 11 छात्रों की याचिका में बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बताते हुए सुरक्षित महीनों में खेल निर्धारित करने की मांग की गई।
 
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दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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Delhi HC: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को शिक्षा निदेशालय (DoE) से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। यह निर्देश उन स्कूल छात्रों की याचिका पर दिया गया है, जिसमें निवेदन किया गया था कि राजधानी में नवंबर से जनवरी के बीच चरम प्रदूषण के महीनों में आउटडोर खेलों के टूर्नामेंट और ट्रायल्स आयोजित न किए जाएं।

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हाई कोर्ट ने School Federation of India Games (SFIG) को भी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और टिप्पणी की कि शिक्षा निदेशालय अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। निदेशालय के वकील ने कहा कि खेल कैलेंडर में बदलाव मुख्य रूप से SFIG द्वारा किया जाना चाहिए और यदि SFIG बदलाव करेगा तो DoE भी अपना कैलेंडर संशोधित करेगा।

इस पर न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा, "आप जिम्मेदारी से बच रहे हैं। नवंबर से जनवरी के महीनों में प्रदूषण की समस्या है और बच्चों को आउटडोर गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए, आप इसे स्वीकार करते हैं।"
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कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगले वर्ष से खेल कैलेंडर इस तरह तैयार किया जाए कि इन महीनों में या तो न्यूनतम कार्यक्रम हों या बिल्कुल न हों। अदालत ने सुझाव दिया कि दिल्ली में खेलों का कैलेंडर बोर्ड परीक्षाओं के तुरंत बाद से शुरू होना चाहिए।

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आज CAQM को निर्देश देने पर विचार करने को कहा है कि नवंबर-दिसंबर में खुले में होने वाली खेल प्रतियोगिताओं को सुरक्षित महीनों तक टाला जाए।

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11 नाबालिग छात्रों ने दायर की थीं याचिकाएं

निदेशालय की ओर से कहा गया कि केवल कुछ ही खेल खुले में होते हैं, अधिकांश इनडोर खेले जाते हैं। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि अधिकारी “आपराधिक लापरवाही” बरत रहे हैं और केवल अगले वर्ष से कैलेंडर संशोधित करने की मांग की है। यह याचिका 11 नाबालिग छात्रों द्वारा दायर की गई है, जो सक्रिय रूप से दिल्ली और देशभर में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं।

याचिका में तर्क दिया गया है कि:
  • वैज्ञानिक रूप से और न्यायिक तौर पर माना गया है कि दिल्ली में सर्दियों के महीनों में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति होती है।
  • फिर भी साल-दर-साल इसी दौरान आउटडोर खेल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे बच्चों पर गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव पड़ता है।
  • इस अवधि में AQI अक्सर "Severe" श्रेणी में रहता है।
  • बच्चों को जहरीली हवा में कठिन शारीरिक गतिविधि के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।
  • इन परिस्थितियों से फेफड़ों की वृद्धि रुक सकती है, संज्ञानात्मक क्षमता प्रभावित होती है और हृदय पर तीव्र दबाव पड़ता है।

याचिका में DoE और SFIG को निर्देश देने की मांग की गई कि सभी स्तरों (जोनल, इंटर-जोनल, राज्य और राष्ट्रीय) पर आउटडोर खेलों का कैलेंडर ऐसे महीनों में निर्धारित किया जाए जब हवा की गुणवत्ता सुरक्षित हो। फाइलिंग के समय दिल्ली GRAP-III आपात योजना के तहत थी और GRAP-IV लागू होने का खतरा था।
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