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INI-CET 2026: आईएनआई-सीईटी काउंसलिंग पर हाई कोर्ट सख्त, सीट अलॉटमेंट याचिका पर एम्स को नोटिस

Sun, 05 Jul 2026 05:10 PM IST
Shahin Praveen पीटीआई, नई दिल्ली

सार

INI-CET Seat Allotment Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने आईएनआई-सीईटी के तहत सीट आवंटन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए एम्स से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई तक संस्थान को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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Delhi AIIMS - फोटो : ANI
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विस्तार
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INI-CET: दिल्ली हाई कोर्ट ने 'नेशनल इंपॉर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट' (INI-CET) के तहत पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स के लिए सीट अलॉटमेंट प्रोसेस को चुनौती देने वाली एक याचिका पर AIIMS से उसका पक्ष मांगा है।

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तीन जुलाई को जस्टिस जसमीत सिंह ने एक उम्मीदवार के पिता की याचिका पर मेडिकल संस्थान को नोटिस जारी किया और उनसे जवाब दाखिल करने को कहा।

याचिकाकर्ता, जिनका प्रतिनिधित्व वकील तन्वी दुबे कर रही थीं, ने आरोप लगाया कि M.D. ऑप्थल्मोलॉजी के लिए फाइनल सीट मैट्रिक्स और उसके बाद हुए मॉक राउंड सीट अलॉटमेंट के बीच एक बड़ी गड़बड़ी थी, जिससे अनरिजर्व्ड (UR) कैटेगरी के तहत उपलब्ध सीटों की संख्या कम हो गई।

फाइनल सीट मैट्रिक्स में कितनी UR सीटों का दावा?

याचिका में कहा गया है कि मई में जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, AIIMS में M.D. ऑप्थल्मोलॉजी के लिए फाइनल सीट मैट्रिक्स में कुल 13 सीटें थीं, जिनमें UR कैटेगरी के तहत पांच सीटें शामिल थीं।

याचिकाकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी ने INI-CET जुलाई 2026 में ओवरऑल 146वीं रैंक हासिल करने के बाद इस अलॉटमेंट के आधार पर काउंसलिंग प्रोसेस में हिस्सा लिया था, लेकिन मॉक राउंड अलॉटमेंट में केवल दो ओपन UR सीटें दिखाई गईं, साथ ही 'इंस्टीट्यूशनल प्रेफरेंस' और 'बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले व्यक्तियों' के लिए एक-एक सीट थी।

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याचिका में पारदर्शिता की कमी का आरोप

याचिका में तर्क दिया गया कि एक बार जब अधिकारी किसी खास कैटेगरी में सीटों की उपलब्धता बताते हुए फाइनल सीट मैट्रिक्स जारी कर देते हैं, तो वे किसी गुप्त तरीके से सीटों की वास्तविक स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं कर सकते।

याचिका में कहा गया, "नोटिफाई की गई सीटों के अलॉटमेंट के तरीके में पारदर्शिता न होने के कारण, फाइनल सीट पोजीशन में दिखाई गई सीटों की उपलब्धता के बावजूद योग्य उम्मीदवार पीछे छूट सकते हैं, जिसमें याचिकाकर्ता की बेटी भी शामिल है, जिसने उस जानकारी के आधार पर काउंसलिंग प्रोसेस में हिस्सा लिया था।" इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होगी।
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