वित्त विभाग से सहमति का इंतजार
शिक्षा निदेशालय ने इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा है। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मानदेय भुगतान को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है। गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति संविदा या अतिथि आधार पर ही रहेगी। इससे उन्हें नियमित किए जाने का कोई अधिकार नहीं मिलेगा।
अवकाश और अन्य भत्ते
प्रस्ताव में गेस्ट टीचर्स को एक वित्तीय वर्ष में आठ दिन की आकस्मिक छुट्टी देने का प्रावधान है। यह छुट्टी अगले साल के लिए आगे नहीं बढ़ाई जा सकेगी और न ही इसके बदले नकद भुगतान मिलेगा। निर्धारित छुट्टियों से अधिक अनुपस्थिति पर मासिक मानदेय से प्रतिदिन के हिसाब से कटौती होगी। पीजीटी के लिए यह कटौती 2,539 रुपये, टीजीटी के लिए 2,395 रुपये और पीआरटी के लिए 1,888 रुपये प्रतिदिन प्रस्तावित है। गेस्ट टीचर्स को एचआरए या कोई अन्य भत्ता नहीं मिलेगा।
छुट्टियों में भी मिलेगा मानदेय
गर्मी की छुट्टियों से पहले लगातार कार्यरत गेस्ट टीचर्स को गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा। यदि उन्हें छुट्टियों में प्रवेश प्रक्रिया, अतिरिक्त कक्षाओं या अन्य सरकारी कार्यों के लिए बुलाया जाता है, तो अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान होगा। इसके बदले प्रतिपूरक अवकाश भी दिया जा सकता है। यह प्रावधान निर्धारित शर्तों और सक्षम अधिकारी की पूर्व मंजूरी के तहत होगा।