फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deemed University: एफटीआईआई पुणे और एसआरएफटीआई कोलकाता को मिला मानद विश्वविद्यालय का दर्जा, पढ़ें पूरी खबर

Thu, 24 Apr 2025 07:36 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Deemed University: एफटीआईआई पुणे और एसआरएफटीआई कोलकाता को शिक्षा मंत्रालय ने मानद विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है। अब ये संस्थान डिप्लोमा की बजाय डिग्री और डॉक्टरेट कार्यक्रम भी प्रदान कर सकेंगे।
विज्ञापन
एफटीआईआई पुणे और एसआरएफटीआई कोलकाता को मिला मानद विश्वविद्यालय का दर्जा - फोटो : Instagram (@airnewsalerts)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Deemed University: प्रतिष्ठित फिल्म निर्माण स्कूलों, भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे, सत्यजीत रे फिल्म व टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई), कोलकाता को मानद विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी साझा की। डीम्ड टु बी दर्जा मिलने से उन्हें डिप्लोमा के बजाय डिग्री प्रदान करने और डॉक्टरेट कार्यक्रम की पेशकश करने का अधिकार होगा।
विज्ञापन


शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, एफटीआईआई पुणे और एसआरएफटीआई कोलकाता को यूजीसी अधिनियम की धारा तीन के तहत मानद विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अनुशंसा के बाद दर्जे को अधिसूचित किया गया है।
 

अब डिग्री और पीएचडी प्रोग्राम होंगे शुरू

इस नए दर्जे के साथ अब दोनों संस्थान सिर्फ डिप्लोमा नहीं, बल्कि बैचलर, मास्टर डिग्री और डॉक्टरेट (PhD) प्रोग्राम भी पेश कर सकेंगे। इसके साथ ही ये संस्थान रिसर्च और नवाचार आधारित पाठ्यक्रम, NIRF रैंकिंग में भाग ले सकेंगे और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) प्रणाली का हिस्सा भी बनेंगे।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के विजन के अनुरूप बड़ा फैसला

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सोच के अनुरूप है, जो उच्च शिक्षा में नवाचार, लचीलापन और उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है।" यह कदम भारत में फिल्म और मीडिया शिक्षा को वैश्विक मानकों पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
 
विज्ञापन

एफटीआईआई और एसआरएफटीआई: एक गौरवशाली इतिहास

एफटीआईआई पुणे की स्थापना 1960 में भारत सरकार द्वारा प्रभात स्टूडियो के परिसर में की गई थी। पहले इसका नाम 'फिल्म इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' था और यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्य करता था। 1971 में इसका नाम बदलकर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर दिया गया और इसके बाद से इसने दूरदर्शन कर्मियों के लिए प्रशिक्षण भी शुरू किया। इसके बाद, संस्थान को सूचना और प्रसारण मंत्रालय से पूरी तरह से सहायता मिलनी शुरू हो गई।

कोलकाता में स्थित और महान उस्ताद सत्यजीत रे के नाम पर, सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन संस्थान सिनेमा शिक्षा का दूसरा राष्ट्रीय केंद्र था, जिसे 1995 में भारत सरकार द्वारा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित किया गया था। वर्तमान में, संस्थान फिल्म निर्माण की छह विशेषज्ञताओं में सिनेमा में तीन वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम और छह विशेषज्ञताओं में इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल मीडिया में दो वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित करता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें