अब डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी की श्रेणी एक और दो वर्ग के संस्थानों को अपने मेन कैंपस और मान्यता प्राप्त ऑफ कैंपस में कोर्स शुरू करने के लिए यूजीसी की मंजूरी नहीं लेनी होगी। केंद्र सरकार ने यूजीसी रेगुलेशन 2018 में डीम्ड टू-वी यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता में सुधार, स्वायत्तता के साथ यूजीसी के दखल पर रोक ला दी है।
आज होने वाली यूजीसी काउंसिल की बैठक में डीम्ड टू-वी यूनिवर्सिटी रेगुलेशन 2018 और इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत चयनित छह संस्थानों (सरकारी व निजी) को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी रेगुलेशन ड्रॉफ्ट 2018 के तहत अब उक्त संस्थानों को एनआईआरएफ रैंकिंग में भाग लेना जरूरी होगा। डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त करने से पहले कैंपस में छात्रों की संख्या दो हजार होनी चाहिए।
इसके अलावा बीस छात्रों पर एक शिक्षक अनिवार्य होगा। जबकि 50 फीसदी छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था जरूरी रहेगी। नए रेगुलेशन ड्रॉफ्ट में डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी में नैक एक्रीडिटेशन ग्रेड 3.1 से अधिक और दो तिहाई कोर्स एनबीए एक्रीडिटेशन की ओर से मान्यता होनी चाहिए।
एक ट्रस्ट, सोसायटी व कंपनी का नियम
नए रेगुलेशन 2018 में डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी चलाने के लिए एक ट्रस्ट, सोसायटी या फिर कंपनी का नियम जोड़ा गया है। जबकि पहले दो का नियम था। इसके अलावा यूनिवर्सिटी रेगुलेशन 2018 में नियमों को स्पष्ट किया गया है। इससे पहले रेगुलेशन में छात्रों की संख्या, कोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी आदि के नियम स्पष्ट नहीं थे।
श्रेणी एक व दो कैंपस में यूजीसी टीम नहीं करेगी दौरा
डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी की कैटेगिरी एक व दो को अधिक स्वायत्तता दी जा रही है। वे ग्रेडिड ऑटोनोमी रेगुलेशन में शामिल होंगे। नए नियम में श्रेणी एक प्राप्त डीम्ड -टू वी यूनिवर्सिटी यदि अपना ऑफ कैंपस शुरू करती है तो यूजीसी की टीम जांच नहीं करेगी।
इसके अलावा वे यूजीसी की अनुमति के बगैर ज्वाइंट प्रोग्राम शुरू कर सकते हैं। जबकि श्रेणी दो प्राप्त डीम्ड -टू वी यूनिवर्सिटी में यूजीसी चेयरमैन चाहे तो दौरा कर सकता है। कैटेगिरी एक और दो का दर्जा प्राप्त और 2010 से पहले स्थापित डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (यूजीसी रेगुलेशन 2017)की पढ़ाई करा सकेंगे।
नियमों के उल्लंघन पर दो तरह की सजा
पहली बार नियमों के उल्लंघन पर दो तरह की सजा का प्रावधान किया जा रहा है। यदि कोई कुलपति की नियुक्ति, अवार्ड देने में नियमों को तोड़ता है तो नियम एक की सजा पाएगा। जबकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने संबंधी मामलों पर सख्त सजा का प्रावधान रखा गया है।
यूजीसी टीम की नहीं होगा स्वागत
उच्च शिक्षण संस्थानों में यदि यूजीसी टीम जांच करने पहुंचती है तो उक्त प्रबंधन उस टीम का स्वागत नहीं करेगी। जांच टीम के अधिकारियों को किसी प्रकार का गिफ्ट या अन्य कोई सामान नहीं दिया जाएगा।