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डीएलड-बीएलएड परीक्षा कार्यक्रम घोषित, पहले सत्र में 1 लाख से अधिक शिक्षक नहीं दे पाए थे परीक्षा

Fri, 10 Aug 2018 08:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
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एनआईओएस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। 25 सितंबर से डीएलएड और बीएलएड परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पहले सत्र में एक लाख से अधिक शिक्षक परीक्षा नहीं दे पाए थे, जिन्हे परीक्षा देने का दोबारा मौका मिलेगा।

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केंद्र सरकार ने स्कूल शिक्षकों के लिए डीएलएड या बीएलएड (शैक्षणिक योग्यतानुसार) कोर्स करना अनिवार्य कर दिया था। शिक्षकों को कोर्स पूरा करने के लिए 31 मार्च 2019 तक का समय दिया गया। जिसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कोर्स के लिए आवेदन किए। हालांकि कई शिक्षक समय रहते आवेदन नहीं कर सके थे।

शिक्षक पात्रता परीक्षा के पहले सत्र की एक बार परीक्षा हो चुकी है, जिसका रिजल्ट सितंबर अंत तक आने की संभावना है। एनआईओएस चेयरमैन प्रो. चंद्रभूषण शर्मा ने बताया कि डीएलएड के पहले और दूसरे सत्र का परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 
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परीक्षाएं 25 से 29 सितंबर तक चलेंगी। इस कोर्स को करने वालों में करीब 75 फीसदी महिलाएं हैं। पहले सत्र में जो परीक्षाएं संपन्न हुई थीं, उसके विषय में कई एप्लीकेशन मिली हैं। जिसमें उन्होंने किसी कारण से परीक्षा में भाग लेने में असमर्थता जताई थी। इन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा। शिक्षकों के पास कुल तीन बार परीक्षा में शामिल होने का मौका होगा।

75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
डीएलएड, बीएलड परीक्षा में शामिल होने के लिए कोर्स के दौरान 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। प्रो. चंद्रभूषण शर्मा ने बताया कि कई शिक्षकों को क्लास करने में परेशानियां आ रही थीं। जिसे ध्यान में रखते हुए नए मॉडल सेंटर की व्यवस्था भी की गई है। इन मॉडल सेंटर पर कभी भी जाकर शिक्षक अपना कोर्स और उपस्थिति पूरी कर सकते हैं। कोर्स पूरा करने और परीक्षा में शामिल होने के लिए शिक्षकों को कई मौके दिए गए हैं, लेकिन उपस्थिति कम होने पर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

 नकल करने वाले शिक्षकों की पात्रता पर असमंजस
डीएलएड, बीएलएड की पूर्व में हुई परीक्षाओं के दौरान कई लोग नकल करते हुए पकड़े गए थे। परीक्षा में नकल करने वालों पर एनआईओएस ने एक साल का बैन लगा दिया है। वहीं, सरकार द्वारा कोर्स पूरा करने के लिए शिक्षकों को 31 मार्च तक का समय दिया गया था। ऐसे में इन शिक्षकों का क्या होगा, यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। यदि सरकार द्वारा समय सीमा में बढ़ोतरी नहीं की गई तो नकल में पकड़े गए शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। 

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