स्कूलों के प्राचार्यों की जिम्मेदारी
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने सभी संबंधित संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे इस तय समय में छात्रों का आवेदन और त्रुटि सुधार सुनिश्चित करें। अगर तय समय में सुधार या आवेदन नहीं होता है, और बाद में कोई समस्या आती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संस्था प्रमुख और छात्र की होगी।
परीक्षा देने का एक और मौका
इस विशेष परीक्षा के जरिए छात्रों को अपने सेमेस्टर I, II, III और IV की बची हुई परीक्षाएं देने का मौका मिलेगा। यह उन छात्रों के लिए शानदार मौका है, जो पहले किसी कारणवश परीक्षा में सफल नहीं हो सके थे।