फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Curiosity: सिर्फ जिज्ञासु होना ही काफी नहीं; कब, किससे और क्या बोलें ये जानना भी है जरूरी

Sat, 25 Jan 2025 10:14 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Career: आपके लिए सिर्फ जिज्ञासु होना ही काफी नहीं। सबकुछ जानने की इच्छा रखना एक बात है, लेकिन कब, किससे और क्या जानना है, आपको यह भी मालूम होना चाहिए।  
विज्ञापन
Curiosity - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Curiosity: जब आप अपने आसपास कुछ नई या अनोखी चीज देखते हैं, तो आपको उसके बारे में जानने की इच्छा (जिज्ञासा) होती है। यह हर किसी के साथ होता है, फिर चाहे वह कोई छात्र हो या पेशेवर अथवा आम इन्सान। क्या आपने कभी इस बारे में विचार किया है कि जिज्ञासा की असल परिभाषा क्या है? यह किसी चीज के बारे में सिर्फ तथ्य और आंकड़े जैसी जानकारी इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि यह लोगों से गहरे स्तर पर जुड़ने, उनकी कहानियों, मूल्यों और भावनाओं को समझने के बारे में है। यह मानसिकता न केवल रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देती है, बल्कि बेवजह के तनाव और बर्नआउट को भी कम करती है।

बौद्धिक विनम्रता

कभी-कभी कुछ न पता होना आपकी जिज्ञासा को बढ़ाता है। इसलिए 'मुझे नहीं पता' कहना भी सीखें। यह आपकी बौद्धिक विनम्रता को दर्शाता है, जिसका अर्थ यह स्वीकार करना है कि आपके पास उस सवाल का जवाब नहीं है। यह दर्शाता है कि आप अहंकारी नहीं हैं और दूसरों से सीखने के लिए तैयार हैं। सभी उत्तरों को जानने का दिखावा करने के बजाय खुद से 'मैं और अधिक कैसे सीख सकता हूं?' जैसे प्रश्न पूछने से सहयोग और समस्या-समाधान को बढ़ावा मिलता है।

अधिक जानने की इच्छा

जब कोई इन्सान आपसे कोई नई बात साझा करता है, तो 'मुझे इसके बारे में और बताएं' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना यह दर्शाता है कि आप वास्तव में उस विषय के बारे में जानने में रुचि रखते हैं। इससे न सिर्फ तनाव कम होता है, बल्कि रचनात्मकता भी बढ़ती है और बेहतर परिणाम मिलते हैं। याद रखें, जब आप एक सार्थक तरीके से जवाब देने में विफल रहते हैं, तब आप अच्छे संबंध बनाने के लिए एक बेहतरीन अवसर भी गंवा देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों से मिलते रहें

अक्सर आप ऐसे लोगों से सलाह-मशविरा करते हैं, जिन्होंने अपने जीवन में कुछ हासिल किया हो या वर्तमान में बेहतर कर रहे हों। आप सोचते हैं कि ऐसे लोग आपका बेहतर मार्गदर्शन करेंगे। अनुभवी लोग आपको केवल अपने क्षेत्र से संबंधित जानकारी दे सकते हैं, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बात करके आप विचारों में विविधता ला सकते हैं। एक जिज्ञासु के रूप में हमेशा यह सोचना चाहिए कि काम से जुड़ी और जानकारी आपको कैसे और किससे मिल सकती है?

तरीके को जानें

हर इन्सान का किसी चीज के बारे में जानने का अपना-अपना तरीका होता है। आप पहचान करें कि आप किस सांचे में फिट बैठते हैं। इससे न सिर्फ आपका नेटवर्क मजबूत बनता है, बल्कि निजी जीवन भी बेहतर बनता है। याद रखें केवल जानना ही काफी नहीं है, बल्कि कब, किससे और क्या जानना है, यह भी महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें