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सीटीईटी 2026: परीक्षा से डेढ़ महीने पहले कैसे करें तैयारी? मॉक टेस्ट से लेकर रिवीजन तक अपनाएं ये तरीका

Wed, 04 Nov 2026 07:55 AM IST
शिवम तिवारी दुर्गेश पांडेय, कॅरिअर एक्सपर्ट

सार

CTET 2026 Preparation Tips: सीबीएसई की केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) 12 और 13 दिसंबर 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा में अब करीब डेढ़ महीने का समय बचा है। ऐसे में अभ्यर्थियों को विषयों की समझ के साथ बाल विकास, भाषा शिक्षण और समय प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। जानें पेपर का स्वरूप, जरूरी विषय, मॉक टेस्ट का सही तरीका और अंतिम दिनों में तैयारी मजबूत करने के आसान उपाय।
 
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CTET 2026 Preparation Tips - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से 22वीं केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का आयोजन 12 और 13 दिसंबर, 2026 को किया जाएगा। परीक्षा में अब करीब डेढ़ महीने का समय शेष है। इसमें सफल होने के लिए केवल विषयों की जानकारी होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाल विकास, शिक्षण विधियों, भाषा की समझ और विषयों को बच्चों तक सरल तरीके से पहुंचाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अभ्यर्थियों  को अपनी मौजूदा तैयारी को मजबूत करने और नियमित अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए।

परीक्षा के स्वरूप को समझें

सीटीईटी में दो पेपर होते हैं। पेपर-1 उन अभ्यर्थियों के लिए है, जो कक्षा एक से पांच तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर-2 कक्षा छह से आठ तक पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है। दोनों स्तरों पर पढ़ाने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों को दोनों पेपर देने होते हैं। प्रत्येक पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और कुल 150 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा की अवधि ढाई घंटे होती है। इसलिए अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन के साथ प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करना चाहिए।

बाल विकास के सिद्धांतों को समझें

सीटीईटी की तैयारी में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (सीडीपी) महत्वपूर्ण विषय है। इसमें बच्चों के विकास, सीखने की प्रक्रिया, व्यक्तिगत भिन्नताओं और समावेशी शिक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी के लिए पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की के सिद्धांतों को उदाहरणों के साथ समझें। साथ ही, अलग-अलग परिस्थितियों में शिक्षक की भूमिका और प्रतिक्रिया पर ध्यान दें, ताकि परिस्थितियों पर आधारित प्रश्नों को आसानी से हल कर सकें।

विषयों को जीवन से जोड़कर पढ़ें

यह एक अवधारणात्मक परीक्षा है, इसलिए अभ्यर्थी गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की तैयारी करते समय केवल तथ्यों और सूत्रों तक सीमित न रहें। यह समझने की कोशिश करें कि किसी विषय को बच्चों को किस तरह पढ़ाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, गणित में किसी प्रश्न का उत्तर निकालने के साथ यह भी सोचें कि बच्चे को उस सवाल की अवधारणा कैसे समझाई जाएगी। पर्यावरण अध्ययन में परिवार, भोजन, जल, आवास और परिवहन जैसे विषयों को रोजमर्रा के जीवन से जोड़कर पढ़ें। पेपर-2 के अभ्यर्थी विज्ञान में प्राकृतिक घटनाओं, पदार्थों और जीव-जगत के तथा सामाजिक विज्ञान में इतिहास, भूगोल जैसे विषयों की अवधारणाओं को स्पष्ट करें।

गद्यांश का करें अभ्यास

सीटीईटी में भाषा के दोनों खंडों में 30-30 प्रश्न होते हैं। इनमें अपठित गद्यांश, भाषा की समझ और भाषा विकास के शिक्षाशास्त्र से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं। इसके लिए प्रतिदिन एक हिंदी और एक अंग्रेजी/संस्कृत या चयनित दूसरी भाषा का गद्यांश पढ़ें। पढ़ने के बाद उसके मुख्य विचार, निष्कर्ष और शब्दों के अर्थ समझने का अभ्यास करें। भाषा-शिक्षण से जुड़े प्रश्नों में यह समझना आवश्यक है कि बच्चों की भाषा संबंधी गलतियों को कैसे सुधारा जाए और उनकी अभिव्यक्ति क्षमता कैसे विकसित की जाए।

इन बातों का रखें ध्यान

•     सप्ताह में दो से तीन मॉक टेस्ट जरूर हल करें।
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•     पहले विषयवार और फिर ढाई घंटे में पूरा पेपर हल करने का अभ्यास करें।
•     बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र और भाषा शिक्षण के प्रश्नों पर विशेष ध्यान दें।
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