बिनॉय ने अपने पत्र में लिखा, "मैं यह पत्र केंद्रीय विद्यालयों (KV) में सिंगल गर्ल चाइल्ड आरक्षण बंद होने की ओर आपका तत्काल ध्यान दिलाने के लिए लिख रहा हूं।"
पत्र में आगे लिखा है, "यह देखने में आया है कि केवी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटा चुनने का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। पूरे भारत में 1200 से अधिक केन्द्रीय विद्यालय संचालित हैं। इन सभी केवी में एकल बालिका के लिए आरक्षण बंद करने से महिला सशक्तिकरण का गला घोंट दिया जाएगा। हम सभी हमारे समाज में बालिकाओं, विशेषकर एकल बालिकाओं की स्थिति से भली-भांति परिचित हैं। सिंगल गर्ल चाइल्ड आरक्षण बंद करने से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा कमजोर हो गया है।"
सासंद ने पत्र में आगे लिखा है, "केंद्रीय विद्यालयों में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटा, छोटे परिवारों को बढ़ावा देने और बालिकाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए था। इस आरक्षण को वापस लेना लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक शिक्षा से पूरी तरह वंचित करना है।"
बिनॉय ने आगे लिखा "स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से, हमारे पूर्वजों ने शिक्षा के एक समग्र मॉडल की कल्पना की थी जो सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करता है। देश में लैंगिक न्याय को आगे बढ़ाने के लिए स्कूलों में लड़कियों के लिए आरक्षण लागू किया गया था।"
सिंगल गर्ल चाइल्ड आरक्षण को वापस लेने से महिला सशक्तिकरण पर दूरगामी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने में एकल बालिका कोटा के महत्व को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे केंद्रीय विद्यालयों में एकल बालिका आरक्षण को बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह करता हूं।