श्रीराम स्कूल की छात्रा तारा इटली या कनाडा में विज्ञापन की पढ़ाई करना चाहती हैं। उनका मानना है कि आईबी पाठ्यक्रम चुनने वाले छात्र पहले ही विदेश में पढ़ने की योजना बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ना इस साल संभव नहीं लग रहा है और अब वह प्लान बी तैयार करेंगी और यहां कॉलेजों में आवेदन करना शुरू करेंगी। न्यूयार्कमें लिबरल आर्ट्स की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाली अनुष्का ने अपनी योजना को अभी रद्द नहीं किया है।
‘स्टडी अब्रॉड’ परामर्शकों के अनुसार, हालात गंभीर हैं और इसका कई लोगों की दीर्घकालीन योजनाओं पर असर पड़ सकता है। दिल्ली में स्टडी अब्रॉड कंसल्टेंसी चलाने वाले अनुपम सिन्हा ने बताया कि कई छात्रों को पहले ही दाखिला मिल गया है लेकिन अब कक्षाएं ऑनलाइन होने और स्थिति के बारे में कोई स्पष्टता न होने से वे फिर से विचार कर रहे हैं। अभी तक जो छात्र विदेश में रहना चाहते थे उन्हें सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं लेने के लिए भारी भरकम फीस देना आकर्षक विकल्प नहीं लग रहा है।