जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने कैंपस में ही रसोईघर बनाई है। यह जानकारी खुद छात्रों ने दी है। बता दें कि इस रसोईघर से 200 गरीब लोगों का पेट भरा जाएगा। कुछ लोग कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाइन की वजह से बेसहारा और बेरोजगार हो गए हैं। वे अपने साथ-साथ अपने परिवार का पेट भी नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए ये पहल की गई है।
वैसे तो सरकार ने अपने स्तर पर काफी इंतजाम किए हैं। गरीब लोगों के लिए भी आम जनता काफी कुछ कर रही है। ऐसे में अब जादवपुर विश्वविद्यालय भी इस समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए सामने आया है।
मुख्य जानकारी-
- इस कार्यक्रम केी शुरुआत शिक्षण-गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ विश्वविद्यालय के सहयोग से हई है। ये रसोई विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर पर सबकी देखरेख में बनाई गई है, जहां खाना भी सबकी निगरानी में ही पकेगा।
- जादवपुर के छात्रों ने बताया कि इसमें ज्यादा खर्च नहीं लगता है बल्कि दो से ढ़ाई हजार रुपये खिचड़ी तैयार करने में लगता है। वहीं अगर हैंड सैनिटाइजर की बात की जाए तो एक हैंड सैंनिटाइजर बनाने में ढ़ाई हजार तक का खर्च आता है।
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