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कोरोना: स्कूल-कॉलेज खोलने पर 14 अप्रैल के बाद फैसला, देश में अमेरिका की आबादी से भी ज्यादा हैं छात्र

Mon, 06 Apr 2020 04:51 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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मानव संसाधन एवं विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार को कहा कि सरकार 14 अप्रैल को हालात की समीक्षा करने के बाद स्कूल और कॉलेजों को फिर से खोलने पर फैसला लेगी। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते 24 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन से एक सप्ताह पहले ही स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए थे और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं।

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निशंक ने कहा कि शिक्षण संस्थान यदि 14 अप्रैल के बाद भी बंद रहते हैं, तो छात्रों को पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए उनका मंत्रालय पूरी तरह तैयार है। अभी देश में 34 करोड़ छात्र हैं, जो अमेरिका की कुल आबादी से ज्यादा है। वे हमारी सबसे बड़ी निधि हैं और सरकार के लिए छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।

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ऑनलाइन क्लास के लिए 57 फीसदी छात्रों को ही हार्डवेयर की जरूरत : सर्वे

कोरोना महामारी से बचने के लिए सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों को बंद करने की घोषणा के बाद कई स्कूल और कॉलेज इन दिनों ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। इस बीच एक सर्वे में कहा गया है कि ऑनलाइन क्लास के लिए केवल 57 फीसदी छात्रों को घर पर कंप्यूटर हार्डवेयर, राउटर और प्रिंटर रखने की जरूरत है।

लोकल सर्कल्स द्वारा किए गए सर्वे में 25,000 से ज्यादा लोगों ने बताया कि छात्रों को अपने अभिभावकों से संसाधनों को साझा करने में दिक्कत आती है, क्योंकि इन दिनों वे भी घर से कामकाज कर रहे हैं। करीब 57 फीसदी लोगों ने बताया कि उनके बच्चों को ऑनलाइन क्लास में हिस्सा लेने के लिए हार्डवेयर, टैबलेट, प्रिंटर और राउटर की जरूरत है। वहीं 43 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें इन संसाधनों की जरूरत नहीं है। 
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