9,000 में से 84 युवाओं को चुना
इस इंटर्नशिप के लिए 9,000 से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 84 युवाओं को चुना गया है। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन टेस्ट, निबंध लेखन, दस्तावेज सत्यापन और बूट कैंप शामिल रहे। इसमें इनकी परख करने के लिए पूरी तरह पारदर्शित बरती गई।
मुख्यमंत्री ने दिया पहले दिन का प्रशिक्षण
इसमें डीयू व अन्य विश्वविद्यालयों के विभिन्न कॉलेजों के छात्र शामिल हैं। इन्हें पहले दिन का प्रशिक्षण मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा, डॉ पंकज सिंह, कपिल मिश्रा ने दिया। मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में कॉमन एडमिशन फॉर्म की शुरुआत की थी, जिसने हजारों छात्रों की राह आसान की। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे शिकायत करने के बजाय समाधान का हिस्सा बनें।
यहां से गढ़ सकते हैं अपना मजबूत भविष्य : रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इंटर्नशिप सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य को गढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यह पहल युवाओं को नई सोच और तकनीक के साथ सरकार को मजबूत करने का मौका देगी। उनकी सरकार न सिर्फ युवाओं को सिखाएगी, बल्कि उनकी नई सोच से भी सीखेगी। इस प्रोग्राम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के विजन से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये इंटर्न्स विकसित दिल्ली के एंबेसडर बनेंगे। यह इंटर्नशिप युवाओं को सरकारी सिस्टम की बारीकियां समझने और समाधान की सोच विकसित करने का मौका देगी। यह दिल्ली को पेपरलेस गवर्नेंस, डेटा-ड्रिवन प्रशासन और डिजिटल इनोवेशन की दिशा में ले जाएगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे कल के नेता बनेंगे, जो दिल्ली के भविष्य की नींव रखेंगे।