समझ और तर्कशक्ति है सबसे अहम
क्लैट पूरी तरह पैसेज-आधारित परीक्षा है, जिसमें रटने की क्षमता नहीं, बल्कि अभ्यर्थी की समझ और तार्किक सोच का आकलन किया जाता है। परीक्षा में अंग्रेजी भाषा, करंट अफेअर्स एवं सामान्य ज्ञान, लीगल रीजनिंग, तार्किक क्षमता (लॉजिकल रीजनिंग) और गणितीय योग्यता से प्रश्न पूछे जाते हैं। करंट अफेअर्स व लीगल रीजनिंग का वेटेज सबसे अधिक (लगभग 25-25%) होता है। अंग्रेजी और लॉजिकल रीजनिंग (लगभग 20-20%) में पैसेज समझने की क्षमता परखी जाती है, जबकि क्वांटिटेटिव टेक्निक्स (10%) में 10वीं स्तर के गणित से प्रश्न होते हैं।
- सभी दस्तावेज और जानकारी जांचकर ही फॉर्म भरें।
- इस परीक्षा में रटने की नहीं, समझ और तर्क क्षमता की जरूरत होती है।
- तीन महीने की रणनीति बनाएं और चरणबद्ध तरीके से तैयारी करें।
तीन महीने की स्मार्ट रणनीति बनाएं
अगले तीन महीनों की तैयारी को तीन चरणों में बांटें। पहले महीने में कॉन्सेप्ट मजबूत करें और विषयवार अभ्यास करें, दूसरे महीने में मॉक टेस्ट व पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से गति और समय प्रबंधन सुधारें, जबकि अंतिम महीने में रिवीजन और करंट अफेअर्स पर फोकस करें। आप लॉ प्रेप दिल्ली-एनसीआर के निःशुल्क ऑल इंडिया ओपन मॉक में भी भाग ले सकते हैं।
(लेखक लॉ प्रेप ट्यूटोरियल के निदेशक हैं)