फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: सातवीं कक्षा के परीक्षा पेपर में कश्मीर को बताया अलग देश, विवाद बढ़ा तो बता दिया मानवीय भूल

Wed, 19 Oct 2022 03:32 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

मामले पर विवाद बढ़ गया है। स्कूल के हेड टीचर एस के दास ने बताया कि यह मानवीय भूल है।  परीक्षा पेपर में कश्मीर को अलग देश बताए जाने पर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
विज्ञापन
परीक्षा का पेपर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कश्मीर को लेकर बिहार से विवादित मामला सामने आया है। यहां के किशनगंज जिले के एक स्कूल में सातवीं कक्षा की परीक्षा के पेपर में कश्मीर को अलग देश बताया गया है। इस मामले पर विवाद बढ़ गया है। स्कूल के हेड टीचर एस के दास ने बताया कि यह मानवीय भूल है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह बात बिहार शिक्षा बोर्ड के माध्यम से पता चली है। सवाल पूछना था कि कश्मीर के लोगों को क्या कहा जाता है? गलती से पूछा गया कि कश्मीर देश के लोगों को क्या कहा जाता है? यह मानवीय भूल थी। 

विज्ञापन

क्या था प्रश्न-पत्र में?
दरअसल, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा आयोजित की गई कक्षा सातवीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सवाल पूछा गया कि नीचे दिए गए देशों के लोगों को क्या कहते हैं? नीचे दिए गए विकल्पों में चीन, नेपाल, इंग्लैंड और भारत के साथ कश्मीर का विकल्प भी दिया गया था। 
विज्ञापन

भाजपा ने साधा निशाना
किशनगंज में परीक्षा पेपर में कश्मीर को अलग देश बताए जाने पर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि प्रश्न ही बताता है कि बिहार सरकार के सरकारी पदाधिकारी और बिहार सरकार कश्मीर को भारत का अंग नहीं मानती है। इसका सबूत सातवीं कक्षा का बिहार शिक्षा परियोजना परिषद का प्रश्न पत्र है जो बच्चों के दिमाग में यह डालने का काम कर रहा है कि जिस प्रकार चीन, इंग्लैंड, भारत, नेपाल एक देश हैं वैसे ही कश्मीर भी एक राष्ट्र है। वहीं, बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री, श्रवण कुमार ने इस मामले पर कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा उसे दंडित किया जाएगा, मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें