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CBSE: 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थिति अनिवार्य, दूसरी परीक्षा केवल चयनित छात्रों के लिए; समझें नियम

Mon, 16 Feb 2026 02:38 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE Board Exam: सीबीएसई ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड ने यह निर्णय दो बोर्ड परीक्षा नीति के तहत लिया है, ताकि छात्रों का मूल्यांकन और परिणाम पूरी तरह पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से हो सके।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, CBSE - फोटो : X(@cbseindia29)
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विस्तार
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CBSE:  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 के छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य है। बोर्ड ने कहा कि जो छात्र पहली परीक्षा में कम से कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें "अनिवार्य पुनरावृति" श्रेणी में रखा जाएगा।

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सीबीएसई 2026 से कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। यह स्पष्टीकरण कुछ अनुरोधों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्रों को पहले संस्करण की परीक्षा में शामिल होने में समस्याएं आ सकती हैं। बोर्ड ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे छात्रों को भी पहली परीक्षा में शामिल होना आवश्यक है, ताकि दूसरी परीक्षा के लिए पात्रता और परिणामों का उचित निर्धारण किया जा सके।

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बोर्ड ने क्यों लिया ये फैसला?

सीबीएसई को कुछ छात्रों और अभिभावकों की ओर से अनुरोध मिला कि कुछ छात्र किसी कारण से कक्षा 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, इसलिए उन्हें दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। 

समझें पूरा नियम

  • पहली परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य: सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना जरूरी है।
  • तीन विषयों में सुधार का मौका: पहली परीक्षा पास कर चुके छात्र अपनी प्रदर्शन सुधारने के लिए तीन मुख्य विषयों (जैसे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, भाषाएं) में बैठ सकते हैं।
  • अनुपस्थित छात्रों के लिए नियम: जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में उपस्थित नहीं हुए, उन्हें दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों को "अनिवार्य पुनरीक्षण" श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगली बार फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही बैठ सकेंगे।
  • कंपार्टमेंट छात्रों के लिए: जिन छात्रों का प्रथम परीक्षा में परिणाम कंपार्टमेंट है, उन्हें दूसरी परीक्षा में उसी श्रेणी के तहत बैठने की अनुमति होगी।
  • अतिरिक्त विषय पर प्रतिबंध: कक्षा 10 उत्तीर्ण होने के बाद छात्र किसी भी अतिरिक्त विषय में परीक्षा नहीं दे सकते।
 
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सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, "सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। उत्तीर्ण और पात्र सभी छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की अनुमति दी जाएगी।" 

उन्होंने आगे कहा, "यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में उपस्थित नहीं हुआ है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को 'अनिवार्य पुनरीक्षण' श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षाओं में ही परीक्षा दे सकेंगे।"
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कौन दे सकता है दूसरी परीक्षा 

  • तीन मुख्य विषयों तक सुधार: छात्र अपनी प्रदर्शन सुधारने के लिए तीन मुख्य विषयों में बैठ सकते हैं।
  • प्रथम या तृतीय कंपार्टमेंट परीक्षा का अवसर: जिन छात्रों का परिणाम कंपार्टमेंट में है, उन्हें पहली या तीसरी कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने की अनुमति।
  • कंपार्टमेंट + सुधार: छात्र जिनके विषय कंपार्टमेंट में हैं और जिनमें सुधार की जरूरत है, वे दोनों श्रेणियों के तहत परीक्षा दे सकते हैं।
  • विषय बदलकर सुधार: जो छात्र किसी विषय में पहले पास हैं लेकिन अन्य विषय में सुधार करना चाहते हैं, उन्हें विषय बदलकर सुधार की अनुमति।


 
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