बोर्ड ने क्यों लिया ये फैसला?
सीबीएसई को कुछ छात्रों और अभिभावकों की ओर से अनुरोध मिला कि कुछ छात्र किसी कारण से कक्षा 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, इसलिए उन्हें दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।
समझें पूरा नियम
- पहली परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य: सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना जरूरी है।
- तीन विषयों में सुधार का मौका: पहली परीक्षा पास कर चुके छात्र अपनी प्रदर्शन सुधारने के लिए तीन मुख्य विषयों (जैसे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, भाषाएं) में बैठ सकते हैं।
- अनुपस्थित छात्रों के लिए नियम: जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में उपस्थित नहीं हुए, उन्हें दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों को "अनिवार्य पुनरीक्षण" श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगली बार फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही बैठ सकेंगे।
- कंपार्टमेंट छात्रों के लिए: जिन छात्रों का प्रथम परीक्षा में परिणाम कंपार्टमेंट है, उन्हें दूसरी परीक्षा में उसी श्रेणी के तहत बैठने की अनुमति होगी।
- अतिरिक्त विषय पर प्रतिबंध: कक्षा 10 उत्तीर्ण होने के बाद छात्र किसी भी अतिरिक्त विषय में परीक्षा नहीं दे सकते।
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, "सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। उत्तीर्ण और पात्र सभी छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की अनुमति दी जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में उपस्थित नहीं हुआ है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को 'अनिवार्य पुनरीक्षण' श्रेणी में रखा जाएगा और वे अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षाओं में ही परीक्षा दे सकेंगे।"