Foreign Students: केंद्रीय सूचना आयोग ने डीयू को विदेशी छात्रों के प्रवेश संबंधी जानकारी अधिक पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करने की सलाह दी है। आयोग ने कहा कि विश्वविद्यालय को विदेशी और ओसीआई छात्रों के दाखिले से जुड़े आंकड़े अपनी वेबसाइट पर स्वतः उपलब्ध कराने चाहिए।
Delhi University: केंद्रीय सूचना आयोग ने (सीआईसी) दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड के जरिये दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों का अलग रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर चिंता जताई है। आयोग ने कहा कि विश्वविद्यालय को पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए विदेशी छात्रों के प्रवेश से संबंधित आंकड़े स्वप्रेरणा से सार्वजनिक (सुओ मोटू डिस्क्लोजर) करने चाहिए। सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलांगी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दायर एक अपील पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।
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आरटीआई आवेदक ने पिछले पांच वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के दाखिले, विशेष रूप से ओसीआई कार्डधारकों की संख्या और उनसे जुड़े विवरण मांगे थे। सुनवाई के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने आयोग को बताया कि विश्वविद्यालय के पुराने रिकॉर्ड में विदेशी आवेदकों का वर्गीकरण मुख्य रूप से विदेशी पासपोर्ट के आधार पर किया जाता था। ओसीआई या पूर्ववर्ती पीआईओ कार्डधारकों का अलग से सांख्यिकीय रिकॉर्ड नहीं रखा गया, इसलिए मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
आयोग ने माना कि सूचना का अधिकार अधिनियम किसी लोक प्राधिकरण को ऐसा नया रिकॉर्ड तैयार करने या उपलब्ध नहीं जानकारी को संकलित करने के लिए बाध्य नहीं करता। इसलिए जिस सूचना का पृथक रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है, उसे उपलब्ध कराने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
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हालांकि, आयोग ने विश्वविद्यालय को आरटीआई अधिनियम की धारा 4 के तहत अधिकतम सूचनाएं स्वप्रेरणा से सार्वजनिक करने की भावना के अनुरूप कदम उठाने की सलाह दी, ताकि विदेशी और ओसीआई श्रेणी के छात्रों के प्रवेश से जुड़ी जानकारी आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध हो सके। एजेंसी