लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने शिक्षा दिवस पर एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा प्रणाली को लेकर खेद व्यक्त किया। योगी अदित्यानाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में साक्षरता दर का ग्राफ में निरंतर कमी आ रही हैं। लेकिन यह साक्षरता की कमी सिर्फ योगी सरकार में ही नहीं है। बल्कि होनहार अध्यापक परीक्षा में असफल साबित हो रहे है।
वर्तमान समय में पढ़ें लिखे बेरोजगार लोगों की दर संख्या बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक विद्यालय शिक्षक 8 हजार 5 सौ पदों के लिए परीक्षा आयोजित कराई थी।इन पदों के लिए 41 हजार 556 उम्मीदवार परीक्षा पास नहीं हो सके थे। 97 हजार पद प्राथमिक विद्यालय में रिक्त हैं।
लेकिन हमारी प्राथमिकता शिक्षक को मेरिट सूची के आधार पर चयन करना है।यदि हम योग्य अध्यापक देने में असक्षम है। ऐसे में रिक्त पदों के लिए सरकार का हिस्सा नहीं है। लेकिन यह लचर शिक्षा प्रणाली को दर्शाता है।