छत्तीसगढ़ में एक विशेष योजना शुरू होने जा रही है। बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को ये जानकारी दी है। जिसके तहत स्कूली छात्र अपने संबंधित इलाकों में ही सीख सकेंगे।
पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मंत्री ने कहा कि मानवता और नेहरूवादी संस्थानों और बुनियादी सुविधाओं की सेवा करने की गांधीवादी सोच ने उनकी सरकार को कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ने में सक्षम बनाया। बता दें कि राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद, भुपेश बघेल को विभिन्न सुरक्षा बलों की संयुक्त परेड से गार्ड ऑफ ऑनर मिला।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान शुरू किए गए ऑनलाइन शिक्षा मंच पढाई तुनार दोयार’ योजना के बेहतर परिणाम मिले और लगभग 22 लाख बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, हम अब अपने इलाकों और गांवों में समुदाय की मदद से बच्चों को पढ़ाने के लिए 'पढ़ई तुंहर पारा' योजना शुरू कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, ब्लूटूथ आधारित कार्यक्रम 'बुल्टू के बोल' को दूरस्थ क्षेत्रों में उन छात्रों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पेश किया जाएगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
राज्य में 37 स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि 30 अस्पतालों में 3,383 बेड, 517 आईसीयू बेड, 479 वेंटिलेटर रोगियों के उपचार के लिए प्रदान किए गए हैं।