भारत सहित अन्य देश पहले भी चांद पर जा चुके हैं। अमेरिका, रूस और चीन तो भारत से पहले चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग भी कर चुका है। फिर भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) के दूसरे मून मिशन चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि चंद्रयान 2 चांद के उस हिस्से पर उतरने जा रहा है, जहां आज तक कोई भी नहीं पहुंचा है।
इसरो प्रमुख के सिवन और हमारे वैज्ञानिकों की पूरी टीम के लिए यह बेहद अहम और तनाव भरा समय है। चंद्रयान 2 के चांद पर उतरते ही भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व पटल पर एक नया कीर्तिमान लिख देगा।
कहां उतरेगा चंद्रयान 2, उस हिस्से में ऐसा क्या है खास