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Chandigarh: कनाडा के फास्ट-ट्रैक एसडीएस वीजा कार्यक्रम समाप्त करने पर छात्र चिंतित, बयां की अपने दिल की बात

Mon, 11 Nov 2024 11:10 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

SDS Visa Canada: कनाडा की ओर से फास्ट-ट्रैक स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) वीजा कार्यक्रम समाप्त करने पर भारतीय छात्र काफी ज्यादा चिंतित हैं। कनाडा के इस कदम ने कई इच्छुक छात्रों को अपने शैक्षणिक भविष्य के बारे में चिंतित कर दिया है। 
 
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कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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Canada: कनाडा की ओर से अपने फास्ट-ट्रैक स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) वीजा कार्यक्रम को समाप्त करने के निर्णय के बाद भारतीय छात्रों ने चिंता जाहिर की है। यह कार्यक्रम पात्र छात्रों को अधिक तेजी से अध्ययन परमिट हासिल करने में मदद करता है। कनाडा में अध्ययन करने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक लोकप्रिय विकल्प था। कनाडा के इस कदम ने कई इच्छुक छात्रों को अपने शैक्षणिक भविष्य के बारे में चिंतित कर दिया है। 

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खो देंगे अपने सपनों की नौकरियां: चिंतित छात्रा

कनाडा में अध्ययन करने की योजना बना रही एक चंडीगढ़ निवासी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "मैं कनाडा जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन स्थिति यह है कि कनाडा ने वीजा रोक दिया है। यह सही नहीं था क्योंकि बहुत से भारतीय लोग अध्ययन के लिए विदेश जाना चाहते हैं और इसमें जो राजनीति का इस्तेमाल किया जा रहा है वह भी गलत है।"

उन्होंने कहा, "बीच में वीजा रोकना सही नहीं है। ऐसे कई अवसर और सपनों की नौकरियां हैं, जिन्हें हम खो देंगे।" उन्होंने इस निर्णय के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा, "राजनीति को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।" वीजा काउंसलर राहुल अरोड़ा ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे छात्रों की महत्वाकांक्षाओं और सपनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा, "इस निर्णय का निश्चित रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुझे लगता है कि बच्चों की महत्वाकांक्षाएं और आगे बढ़ने और पढ़ाई करने के सपने, वे सपने जिन्हें वे वर्षों से आजमा रहे हैं, इससे प्रभावित होंगे। और मुझे लगता है कि यह दोनों देशों के लिए एक प्रतिकूल निर्णय है।"

2018 में शुरू हुआ था एसडीएस

एसडीएस, 2018 में शुरू किया गया एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो भारत, चीन, पाकिस्तान, ब्राजील और अन्य देशों के छात्रों के लिए तेज प्रक्रिया प्रदान करता है। इसे 8 नवंबर को अचानक समाप्त कर दिया गया।

एनएसई भी हुआ बंद

नाइजीरियाई छात्रों के लिए नाइजीरिया स्टूडेंट एक्सप्रेस (एनएसई) को भी बंद कर दिया गया है, हालांकि समय सीमा से पहले जमा किए गए आवेदनों को अभी भी एसडीएस और एनएसई के तहत संसाधित किया जाएगा।

इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (आईआरसीसी) के एक बयान में कहा गया, "पात्र पोस्ट-सेकेंडरी छात्रों के लिए तेज प्रक्रिया प्रदान करने के लिए 2018 में स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (एसडीएस) शुरू किया गया था। एसडीएस को अंततः एंटीगुआ और बारबुडा, ब्राजील, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, भारत, मोरक्को, पाकिस्तान, पेरू, फिलीपींस, सेनेगल, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, त्रिनिदाद और टोबैगो और वियतनाम के कानूनी निवासियों के लिए खोल दिया गया।"
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अंतरराष्ट्रीय छात्रों को समान और निष्पक्ष पहुंच देने के लिए उठाया गया कदम: कनाडा की सरकार

सरकार ने कहा है कि वह "अध्ययन परमिट के लिए आवेदन प्रक्रिया में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को समान और निष्पक्ष पहुंच देने के लिए प्रतिबद्ध है।"

आईआरसीसी के बयान में कहा गया, "कनाडा का लक्ष्य कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करना, छात्रों की भेद्यता को संबोधित करना और सभी छात्रों को आवेदन प्रक्रिया में समान और निष्पक्ष पहुंच प्रदान करना है, साथ ही एक सकारात्मक शैक्षणिक अनुभव भी देना है।" 

इस विकास के बाद, भविष्य के आवेदकों को कनाडा की नियमित अध्ययन परमिट प्रक्रियाओं से गुजरना होगा, जिसके लिए देश में नामित शिक्षण संस्थानों (डीएलआई) में अध्ययन करने के लिए प्रांतीय सत्यापन पत्र (पीएएल) या क्षेत्रीय सत्यापन पत्र (टीएएल) की आवश्यकता होगी। 

यह कदम कनाडा और भारत के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बीच उठाया गया है, खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोपों के बाद, जिसे भारत ने नकार दिया है।
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