इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के निजी वर्ग में मनीपाल इंस्टीट्यूट और बीट्स पिल्लानी को एक से डेढ़ साल का समय मिल सकता है। दोनों इंस्टीट्यूट के कैंपस काम कर रहे हैं, इसलिए अब इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत समझौता होगा उसके बाद उन्हें समय दिया जाएगा। यदि उस समयअवधि में योजना को पूरा नहीं कर पाते हैं तो फिर उनसे इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा छीन जाएगा।
आईआईटी दिल्ली, मुंबई व आईआईएससी बंगलूरू को मिला स्टेट्स
आईआईटी दिल्ली, मुंबई व आईआईएससी बंगलूरू सरकारी संस्थान हैं इसलिए उन्हें इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिल गया है। लेकिन इंपावर्ड एक्सपर्ट कमेटी समय-समय पर निगरानी करेगी। यदि उक्त तीनों संस्थान काम ठीक से नहीं करते हैं तो फिर इनसे स्टेट्स छीन लिया जाएगा।