फर्जी नोटिस को लेकर सीजीएचएस ने क्या कहा?
परिपत्र में लिखा है, " निदेशालय के संज्ञान में आया है कि सीजीएचएस के नाम और लोगो वाला एक अनधिकृत नोटिस प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि नीईटी-पीजी परीक्षा ड्यूटी के लिए चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती के कारण सीजीएचएस वेलनेस सेंटर 27 से 31 अगस्त 2026 तक बंद रहेंगे।"
निदेशालय ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस सीजीएचएस द्वारा न तो जारी किया गया था और न ही अधिकृत किया गया था, और इसकी सामग्री झूठी थी। इसमें आगे कहा गया कि सभी सीजीएचएस वेलनेस सेंटर इस अवधि के दौरान अपने निर्धारित कार्यसूची के अनुसार कार्य करते रहेंगे।
परिपत्र में कहा गया है, "यह स्पष्ट किया जाता है कि उक्त नोटिस सीजीएचएस निदेशालय द्वारा न तो जारी किया गया है और न ही अधिकृत किया गया है तथा इसकी सामग्री झूठी है। सीजीएचएस वेलनेस सेंटर उपर्युक्त अवधि के दौरान अपने निर्धारित कार्यसूची के अनुसार कार्य करेंगे। लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं में कोई व्यवधान डाले बिना, सीजीएचएस कर्मियों की आधिकारिक कार्यों के लिए तैनाती उचित प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से की जाएगी।"
अधिकारियों को फर्जी नोटिस न फैलाने के निर्देश
निदेशालय ने सीजीएचएस के सभी अतिरिक्त निदेशकों से कहा है कि वे इस जानकारी को अपने क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और लाभार्थियों तक पहुंचाएं। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहें, इसके लिए जरूरी कर्मचारियों और ड्यूटी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसमें कहा गया है, "यह स्पष्टीकरण सभी सीजीएचएस वेलनेस सेंटरों और उनके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों के ध्यान में लाया जा रहा है। सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक स्टाफ और ड्यूटी व्यवस्था की गई है।"
सीजीएचएस अधिकारियों ने आगे निर्देश दिया कि अनधिकृत नोटिस को किसी भी सीजीएचएस कार्यालय या अधिकारी द्वारा प्रदर्शित या प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए।
परिपत्र में लिखा है, "यह अनधिकृत सूचना किसी भी सीजीएचएस कार्यालय या अधिकारी द्वारा न तो प्रदर्शित की गई है और न ही प्रसारित की गई है।"
आधिकारिक स्रोत से ही जानकारी जांचने की सलाह
लाभार्थियों और आम लोगों से कहा गया है कि वे इस फर्जी नोटिस पर ध्यान न दें। सीजीएचएस से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक सीजीएचएस वेबसाइट, माईसीजीएचएस 2.0 ऐप या संबंधित सीजीएचएस अधिकारियों से ही करें।
निदेशालय ने कहा है कि सीजीएचएस के नाम और लोगो का बिना अनुमति इस्तेमाल करना गंभीर मामला है। इस फर्जी नोटिस को किसने जारी किया या फैलाया, इसकी जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को बताएं, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
इसमें आगे कहा गया है, "सीजीएचएस के नाम और लोगो का अनाधिकृत उपयोग गंभीर दृष्टि से देखा जा रहा है। उक्त नोटिस के स्रोत या प्रसार से संबंधित कोई भी जानकारी तत्काल निदेशालय को उचित कार्रवाई के लिए दी जाए।"