मौजूदा सैनिक स्कूलों से अलग होंगे ये स्कूल
मंत्री ने बताया, "ये स्कूल मौजूदा सैनिक स्कूलों से अलग होंगे। सैनिक स्कूल सोसायटी द्वारा जिला मजिस्ट्रेटों और कलेक्टरों को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है।"
उन्होंने इच्छुक पक्षों से एक निर्दिष्ट वेब पोर्टल के माध्यम से संबद्धता के लिए आवेदन करने को भी कहा।
उन्होंने कहा, "आवेदनों का मूल्यांकन सोसायटी द्वारा उसकी नीतियों, दिशा-निर्देशों, समझौता ज्ञापन तथा नियमों एवं विनियमों के अनुपालन के आधार पर किया जाएगा।"
सोना ने बताया कि सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय के विवेक पर स्थापित किए जा रहे हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शुरू में टीसीएल क्षेत्र में सैनिक स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई थी। लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसके बजाय पूर्वी सियांग जिले के निगलोक में सैनिक स्कूल (संचालनशील) की अनुमति दे दी।
सैनिक स्कूल के बारे में
सैनिक स्कूल छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और अन्य संस्थानों में प्रवेश के लिए शैक्षणिक, मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करते हैं। ये स्कूल सैनिक स्कूल सोसायटी के अधीन काम करते हैं, जिसका नियंत्रण रक्षा मंत्रालय के पास है।