समिति की जिम्मेदारी और नेतृत्व
यह नौ सदस्यीय समिति उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी की अध्यक्षता में काम करेगी। जोशी को इस साल अप्रैल में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी प्रगति और कार्रवाई की रिपोर्ट हर महीने शिक्षा मंत्रालय को दे।
जेईई, नीट जैसे एग्जाम की निष्पक्षता की होगी समीक्षा
मंत्रालय ने समिति से कहा है कि वह जेईई, नीट और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावशीलता और निष्पक्षता की समीक्षा करे और यह देखे कि इनका स्कूल शिक्षा प्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ता है। साथ ही यह भी जांच हो कि कोचिंग इंडस्ट्री इन परीक्षाओं के चलते कितनी तेजी से बढ़ रही है।
कोचिंग सेंटरों पर पहले ही जारी हो चुके हैं नियम
शिक्षा मंत्रालय ने जनवरी 2023 में ‘कोचिंग सेंटरों के लिए दिशा-निर्देश’ जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक:
- कोचिंग सेंटर 16 साल से कम उम्र के छात्रों को दाखिला नहीं दे सकते।
- झूठे वादों और भ्रामक प्रचार पर रोक लगाई गई।
- हर सेंटर में CCTV कैमरे और स्नातक डिग्री वाले शिक्षक अनिवार्य किए गए।
ये नियम बढ़ती आत्महत्याओं को देखते हुए बनाए गए थे।
डमी स्कूलों पर CBSE की सख्ती
सीबीएसई (CBSE) ने हाल के वर्षों में करीब 300 डमी स्कूलों पर कार्रवाई की है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि जेईई मेन 2025 के एक टॉपर की सफलता को डमी स्कूल से जोड़ना भ्रामक रिपोर्टिंग है और इसकी उसने कड़ी निंदा की।
समिति में कौन-कौन हैं सदस्य?
इस समिति में देश की प्रमुख संस्थाओं और स्कूलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है:
- विनीत जोशी, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग – अध्यक्ष
- सीबीएसई चेयरमैन – सदस्य
- स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव – सदस्य
- आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधि – सदस्य
- आईआईटी कानपुर के प्रतिनिधि – सदस्य
- एनआईटी त्रिची के प्रतिनिधि – सदस्य
- एनसीईआरटी का प्रतिनिधि – सदस्य
- केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एक निजी स्कूल के प्राचार्य – सदस्य
- उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव – सदस्य सचिव