उन्होंने कहा कि इसीलिए हम 2017 के बाद से कॉलेजों में नई भर्तियां नहीं कर पाए हैं। हमने अब अकादमिक रिकॉर्ड (कॉलेजों द्वारा) के आधार पर कोई नई भर्ती नहीं करने का फैसला किया है। यह प्रणाली विवादों और अदालती मामलों की ओर ले जाती है। पेगू ने कहा कि सरकार ने अब चयन परीक्षा के आधार पर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि हमने एक केंद्रीकृत भर्ती बोर्ड स्थापित करने का फैसला किया है और एक कॉलेज शिक्षक को चयन परीक्षा पास करने के बाद उसकी पसंद के कॉलेज में तैनात किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कई बार एक अभ्यर्थी एक से अधिक महाविद्यालयों में आवेदन करता है, लेकिन आवेदक सभी में चयनित होने के बाद भी एक ही प्रवेश ले सकता है। अन्य कॉलेजों को फिर से भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए मजबूर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों ने पहले से ही शिक्षकों की मांग का विज्ञापन दिया है, उन्हें इस बार प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जाएगी। पेगु ने कहा कि हमने उन कॉलेजों के लिए प्रक्रिया को रोकने के लिए कहा है, जिन्होंने अपने पदों का विज्ञापन नहीं किया है।
मंत्री ने कहा कि हम जल्द ही केंद्रीकृत प्रणाली शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे असम में कॉलेजों में कुल 640 शिक्षण पद खाली पड़े हैं, जबकि गैर-शिक्षण पदों का आंकड़ा 834 है। पेगू ने कहा कि असम में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 4,44,630 छात्र, 8,590 शिक्षक और 3,500 गैर-शिक्षण कर्मचारी हैं।