छह साल से नहीं हुआ था कोई दाखिला
छह साल के बाद प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) के किसी भी ट्रेड या यूनिट में लगातार दो वर्षों तक कोई दाखिला नहीं होने पर उसे निष्क्रिय करने के आदेश के तहत इन सीटों को समाप्त कर दिया गया है। केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देशभर के विभिन्न
आईटीआई से 4.49 लाख से अधिक सीटों की संबद्धता समाप्त की गई है।
दरअसल, इन आईटीआई में करीब तीन से छह साल के बीच कोई दाखिले नहीं हुए थे। हर साल आईटीआई के प्रदर्शन का वार्षिक मूल्यांकन किया जाता है। इसके लिए एक पारदर्शी और डायनामिक टूल का उपयोग किया जाता है। राज्य सरकारों के परामर्श के बाद सभी हितधारकों को इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी समय-समय पर दी गई थी।
प्रवेश प्रतिशत और रैंकिंग में सुधार
इन सीटों की संबद्धता समाप्त करने से प्रवेश प्रतिशत, सीट मैट्रिक्स और ट्रेड आवश्यकताओं से संबंधित आईटीआई का सटीक डाटा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इससे प्रवेश प्रतिशत 54.2 फीसदी से बढ़कर 65.5 फीसदी हो जाएगा।
मान्यता देने वाली संस्था डीजीटी का फैसला
आईटीआई को मान्यता देने वाली संस्था डीजीटी ने लगातार खाली रहने वाली ऐसी सीटों को समाप्त करने का आदेश जारी किया था। इसी आधार पर वर्ष 2022 में आईटीआई की ट्रेड या यूनिट को निष्क्रिय करने से एक बार की छूट दी थी, जहां लगातार 100 फीसदी सीट खाली पड़ी है। दाखिला नहीं लेने वाले ट्रेड और सीटों की संबद्धता समाप्त करने का निर्णय संसाधनों के अनुकूलतम प्रभावी उपयोग करने के लिए व्यापक विश्लेषण के बाद यह निर्णय लिया गया है।
यूपी, एमपी, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों की सीटें खत्म
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कनार्टक, बिहार समेत कई अन्य राज्यों के आईटीआई के 5838 बैच की सीटें समाप्त की गई हैं।
| राज्य |
आईटीआई बैच |
सीटों की संख्या |
| उत्तर प्रदेश |
2612 |
54,464 |
| उत्तराखंड |
211 |
4,556 |
| हरियाणा |
705 |
15,224 |
| हिमाचल प्रदेश |
482 |
10,572 |
| राजस्थान |
2887 |
60,872 |
| मध्य प्रदेश |
2094 |
43,623 |
| कर्नाटक |
1287 |
27,784 |
| बिहार |
1100 |
22,992 |
| महाराष्ट्र |
2094 |
66,000 |