सीसीएसयू से संबंद्ध कॉलेजों में आर्थिक आधार पर कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को दाखिले में 10 फीसदी आरक्षण के मामले में 8 जून को कार्य परिषद की बैठक में मुहर लगेगी। बैठक के बाद अभी तक किए गए रजिस्ट्रेशन में ऐसे छात्र-छात्राओं की संख्या तय करने के बाद अलग मेरिट बनाई जाएगी।
केंद्र सरकार ने आर्थिक आधार पर कमजोर वर्गों के छात्र-छात्राओं के लिए 10 फीसदी आरक्षण का शासनादेश सभी प्रदेशों को भेज दिया है। सीसीएसयू में आरक्षण पर सीटों के मामले में फैसला आठ जून को कैंपस में होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में लिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने 23 मई से रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी करते वक्त ही फॉर्म में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का विकल्प दे रखा था। आठ जून को इस पर फैसला होने के बाद इन कैटेगिरी के छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए 10 फीसदी सीटें बढ़ाकर इनकी मेरिट तैयार कराई जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अगर किसी छात्र-छात्रा ने आर्थिक आधार पर कमजोर कैटेगिरी में फार्म भरा है तो उसको यूनिवर्सिटी की सिर्फ बढ़ी सीटों पर आवेदन का मौका होगा। यानी ऐसे छात्रों को सिर्फ 14 हजार सीटों पर ही एडमिशन का मौका मिलेगा। इसमें अगर एससी-एसटी और ओबीसी कैटेगिरी के छात्रों ने भी इस श्रेणी में आवेदन किया तो उनको एससी-एसटी या ओबीसी वाला आरक्षण नहीं मिलेगा। यह सिर्फ यूजी कोर्सों में ही नहीं होगा बल्कि एलएलबी और पीजी कोर्सों भी यही नियम लागू होगा। 10 फीसदी आरक्षण का लाभ लेने वाले छात्र-छात्राओं को एडमिशन के समय आय प्रमाण पत्र जरूर जमा करना होगा।
14 हजार सीटें बढ़ानी होगी-
सीसीएसयू से संबद्ध मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों की बात करें तो एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी एजी में 142851 सीटें हैं। इनमें बीए में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 22 हजार और सेल्फ फाइनेंस में 54 हजार से ज्यादा, बीकॉम में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 4600 और सेल्फ फाइनेंस में 22000 से ज्यादा सीटें हैं। बीएससी बायो-मैथ-स्टैटिस्टिक्स में एडेड-राजकीय कॉलेजों में 9463 और सेल्फ फाइनेंस में 20 हजार से ज्यादा सीटें हैं। बीएससी एजी में एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 2840 सीटें हैं। 12वीं के बाद पांच वर्षीय बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी में छह हजार से ज्यादा सीटें हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए विवि को 10 फीसदी सीटें बढ़ानी होंगी। इनकी संख्या 14 हजार के करीब रहेगी।
आठ लाख रुपये से कम सालाना आमदनी वालों का बनेगा प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र को लेकर जो शासनादेश है उसके मुताबिक ऐसे छात्र-छात्राओं के परिवार की आय आठ लाख रुपये सालाना से कम होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र जन सेवा केंद्रों पर ऑनलाइन बनवाए जा रहे हैं। इसमें अगर कोई परिवार ऐसा है जिसके पास 5 एकड़ या उससे ज्यादा जमीन है तो उसको इसका लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा अगर किसी के पास एक हजार वर्ग स्कवायर फीट में फ्लैट, नगर निगम के परिक्षेत्र में 100 वर्ग या अधिक का भूखंड है तो उनको भी इसका लाभ नहीं मिलेगा।
फॉर्म में दिया है विकल्प
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को 10 फीसदी आरक्षण पर आठ जून को कार्यपरिषद की बैठक में मुहर लगेगी। इस श्रेणी में फार्म भरने का विकल्प पहले दिन से ही दिया गया है।
प्रो. वाई विमला, प्रति कुलपति सीसीएसयू
जनरल में तय होगी कैटेगिरी
शासनादेश के मुताबिक जो छात्र-छात्राएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कैटेगिरी में फार्म भरेंगे उनको दूसरे आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। शासनादेश में यह पूरी तरह से स्पष्ट है। ऐसे सभी छात्रों की कैटेगिरी जनरल में ही तय होगी।
धीरेंद्र कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार सीसीएसयू
64144 पहुंची रजिस्ट्रेशन की संख्या
सीसीएसयू के कॉलेजों में एडमिशन को मंगलवार शाम तक 64144 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। यह संख्या अभी बेहद कम है। सात जून अभी तक विवि ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि घोषित की हुई है। इसको बढ़ाया भी जा सकता है। 11 जून से विवि ने पहली मेरिट जारी करने की घोषणा की थी लेकिन 10 फीसदी आरक्षण श्रेणी का शासनादेश प्रदेश में देरी से आने के चलते इसमें देरी हो सकती है।
फॉर्म में गलती पर छात्र खुद होंगे जिम्मेदार
सीसीएसयू प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी छात्र-छात्रा ने रजिस्ट्रेशन करते वक्त अपना 12वीं का रोल नंबर, पासिंग ईयर, परीक्षा बोर्ड का नाम, फोन नंबर, ईमेल आईडी आदि गलत भर दिया है तो उसके जिम्मेदार छात्र खुद होंगे। इसमें विवि का कोई उत्तर दायित्व नहीं होगा। पंजीकरण फीस भी वापस नहीं होगी। जिन छात्र-छात्राओं ने यह गलती कर दी है कि वह निर्धारित तिथि से पहले सीसीएसयू कैंपस के आईक्यूएसी सेमिनार हॉल में अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी एवं आवेदन पत्र के साथ आकर अपना पंजीकरण निरस्त करा लें। ताकि वह सही रोल नंबर आदि से अपना पंजीकरण फॉर्म भर सकें।