क्या है Hub and Spoke School Model?
सीबीएसई का Hub and Spoke मॉडल एक रणनीतिक शैक्षणिक पहल है, जिसके तहत कुछ सक्षम और संसाधन-सम्पन्न स्कूलों को हब स्कूल के रूप में विकसित किया जाता है। ये हब स्कूल आसपास के अन्य स्पोक स्कूलों को शैक्षणिक सहयोग, मार्गदर्शन और संसाधन साझा करने में मदद करते हैं।
इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य सभी संबद्ध स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को संतुलित करना, छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना और स्कूलों के बीच सहयोग की मजबूत व्यवस्था बनाना है।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य
सीबीएसई के अनुसार, इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम के जरिए:
- हब एंड स्पोक स्कूल मॉडल की रूपरेखा और दिशा-निर्देशों की स्पष्ट समझ विकसित की जाएगी।
- हब और स्पोक स्कूलों के बीच सहयोगात्मक शिक्षण और संसाधन साझा करने को बढ़ावा मिलेगा।
- संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और श्रेष्ठ शैक्षणिक प्रथाओं का प्रसार होगा।
- मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्षमता निर्माण किया जाएगा।
- स्कूल प्रिंसिपल और कोऑर्डिनेटर्स के बीच नेटवर्किंग को मजबूत किया जाएगा।
कौन ले सकता है कार्यक्रम में हिस्सा?
नोटिस के अनुसार, सीबीएसई ने सभी हब और स्पोक स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस कार्यक्रम के लिए कम से कम दो प्रतिनिधि नामित करें। इनमें प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, काउंसलर या वेलनेस टीचर शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, अन्य सीबीएसई स्कूलों को भी इस ओरिएंटेशन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हालांकि, उनके लिए भागीदारी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी और चयनित प्रतिभागियों को ईमेल के माध्यम से पुष्टि भेजी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन और जरूरी जानकारी
कार्यक्रम के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। प्रतिभागी सीबीएसई द्वारा जारी गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि, यात्रा और आवास का खर्च प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा।
| विवरण |
तारीख / समय |
| कार्यक्रम की तारीख |
26 दिसंबर 2025 |
| कार्यक्रम का समय |
सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक |
| रिपोर्टिंग समय |
सुबह 9:30 बजे |
| प्री-प्रोग्राम औपचारिकताएं |
सुबह 9:30 बजे से |
| कार्यक्रम का आयोजन स्थल |
भारतीय विद्या भवन विद्यााश्रम, ओपीपी केएम मुंशी मार्ग, जयपुर, राजस्थान |
| आयोजन प्राधिकरण |
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) |
| रजिस्ट्रेशन शुल्क |
कोई शुल्क नहीं |
सीबीएसई का मानना है कि हब एंड स्पोक मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन से छात्रों के कल्याण, शैक्षणिक गुणवत्ता और स्कूलों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलेगी। यह पहल स्कूल शिक्षा को अधिक समावेशी और सहयोगात्मक बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।