केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा वाले दिन ही परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को रोकने का फैसला किया है। वर्तमान में कक्षा 10 और 12 के छात्रों की टर्म-1 की बोर्ड परीक्षा चल रही है। सीबीएसई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह फैसला 16 दिसंबर से प्रभावी होगा। हालांकि, सीबीएसई ने परीक्षा के दौरान मानदंडों में अचानक बदलाव का कोई कारण नहीं बताया है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्कूलों को सर्कुलर जारी किया है। उसमें कहा गया है कि 16 दिसंबर से परीक्षा केंद्र में उसी दिन होने वाले मूल्यांकन की प्रक्रिया को बंद किया जा रहा है। सभी केंद्र अधीक्षक प्रेक्षक की उपस्थिति में परीक्षा समाप्त होने के 15 मिनट के भीतर ओएमआर शीट को पैक कर सील कर देंगे।
इसी के साथ केंद्र अधीक्षक और पर्यवेक्षक सीलबंद पार्सल पर हस्ताक्षर करेंगे और पैकिंग होने का समय भी लिखेंगे। भारद्वाज ने कहा कि एक बार ओएमआर पैक और सील हो जाने के बाद, इसे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा, जहां उसकी रसीद भी मिल जाएगी।
कक्षा 10 और 12 के छात्रों की टर्म-1 की बोर्ड परीक्षा चल रही है। यह परीक्षा कोरोना की वजह से ऑबजेक्टिव प्रश्न पर आधारित है, जिसके लिए छात्रों को ओएमआर उत्तर पुस्तिकाएं भरने के लिए दी जाती हैं। बोर्ड परीक्षा 30 दिसंबर तक चलेंगी।
अब तक, ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं का पहले स्कूल के शिक्षकों द्वारा परीक्षा केंद्र पर भौतिक मूल्यांकन किया जाता था और फिर डिजिटल मूल्यांकन के लिए भेजा जाता था। लेकिन अब बोर्ड ने भौतिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है।
हालांकि सर्कुलर में ऐसी कोई बात नहीं बताई है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में अचानक बदलाव क्यों किया। लेकिन कई जिलों में स्कूल में मूल्यांकन से जुड़ी चीटिंग की कुछ खबरें भी आई थीं। इसी के साथ ही सीबीएसई ने परीक्षा केद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के बंद होने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद ही बोर्ड ने ये कदम उठाया है।