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CBSE: ओएसएम ठेके से जुड़े दावों को सीबीएसई ने बताया भ्रामक और तथ्यहीन, राहुल बोले- 'मना करना कोई जवाब नहीं'

Wed, 27 May 2026 09:48 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE OSM Row: सीबीएसई ने ओएसएम विवाद में COEMPT Edutech को ठेका देने पर लगे आरोपों को खारिज किया है। बोर्ड ने कहा कि पूरी प्रक्रिया वित्तीय नियमों के तहत हुई। गौरतलब है कि बुद्धवार को ये आरोप राहुल गांधी द्वारा लगाए गए और उन्होंने मामले की न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की मांग की थी। जानें पूरा मामला...
 
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सीबीएसई ने COEMPT से जुड़े राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया है - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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CBSE: सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर बढ़े विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने COEMPT Edutech को ठेका देने से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया है। बोर्ड ने कहा कि लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन, भ्रामक और वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

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सीबीएसई मुख्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि बोर्ड ने एजेंसी को ठेका देने की प्रक्रिया में सामान्य वित्तीय नियमों (General Financial Rules) का पूरी तरह पालन किया है। बोर्ड के अनुसार, 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर निविदा (RFP) जारी की गई थी और पात्र बोलीदाता को अनुबंध दिया गया।
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मना करना कोई जवाब नहीं: राहुल गांधी

सीबीएसई द्वारा आरोप का खारिज किए जाने पर राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'मना करना कोई जवाब नहीं है। शिक्षा मंत्री और सीबीएसई मेरे पूछे गए चार सीधे-सादे सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं? 18.5 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया गया है। वे सच जानने के हकदार हैं।'

राहुल गांधी ने उठाए सवाल

गौरतलब है कि सीबीएसई का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद सामने आया है। राहुल गांधी ने बुधवार को सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली और COEMPT Edutech को दिए गए ठेके को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि COEMPT Edutech पहले 'Globarena' नाम से काम करती थी और तेलंगाना में 2019 तथा 2023 में बोर्ड परीक्षा से जुड़े विवादों में इसका नाम सामने आया था। उन्होंने दावा किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण तेलंगाना में 23 छात्रों ने आत्महत्या की थी।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि कंपनी का पुराना रिकॉर्ड सार्वजनिक होने के बावजूद सीबीएसई ने उसे ठेका क्यों दिया। उन्होंने पूछा कि इस अनुबंध को देने में कौन-कौन सी प्रक्रियाएं नजरअंदाज की गईं और कंपनी प्रबंधन तथा केंद्र सरकार के बीच क्या संबंध हैं।

पूरा मामला जानने के लिए ग्राफिक पर क्लिक कर पढ़ें:

 
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कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले पर जवाब देने से बच रही है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब कुछ कक्षा 12 के छात्रों ने अपने परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। 

छात्रों का कहना था कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती। इससे OSM प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, सीबीएसई सूत्रों का कहना है कि बोर्ड सभी शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जांचा जा रहा है।
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