सीबीएसई ने ग्यारहवीं व बारहवीं के 12 विषयों अंग्रेजी, हिंदी, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, कंप्यूटर साइंस विषयों के लिए सीखने के फ्रेमवर्क को तैयार किया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षाओं के बच्चों में योग्यता आधारित शिक्षा को बढ़ाने के लिए लर्निंग फ्रेमवर्क ड्रॉफ्ट तैयार किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 योग्यता आधारित शिक्षा दिए जाने की सिफारिश करती है। इसी के मद्देनजर इन्हें तैयार किया गया है। इन फ्रेमवर्क का पालन भारत ही नहीं विदेशों में स्थापित बोर्ड से संबद्ध स्कूल भी करेंगे। बोर्ड की ओर से इनके लिए स्कूलों के प्राचार्यों व शिक्षकों से फीडबैक भी लिया जाएगा।
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सीबीएसई ने ग्यारहवीं व बारहवीं के 12 विषयों अंग्रेजी, हिंदी, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, कंप्यूटर साइंस विषयों के लिए सीखने के फ्रेमवर्क को तैयार किया है। इन्हें तैयार करने में सीबीएसई को सीबीएसई सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन असेसमेंट व एजुकेशनल इनिशिएटिव्स का सहयोग मिला है। इसके लिए प्राचार्य व शिक्षक भी अपने सुझाव देंगे। इन्हें तैयार करने में सीबीएसई पाठ्यक्रम और एनसीईआरटी लर्निंग आउटकम को केंद्र में रखा गया है। बोर्ड के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह महत्वपूर्ण है कि बच्चे न केवल सीखें बल्कि इससे भी महत्वपूर्ण यह सीखे कि कैसे सीखना है।
योग्यता आधारित शिक्षा की सिफारिश करती है नीति
शिक्षा नीति योग्यता आधारित शिक्षा की सिफारिश करती है। यह फ्रेमवर्क शिक्षकों और छात्रों के बीच साझा समझ विकसित करने में मदद करेंगे। सीबीएसई स्कूलों में शिक्षण, सीखने और मूल्यांकन के लिए एक बेंचमार्क के रूप में भी काम करेंगे। यह फ्रेमवर्क शिक्षकों के लिए पाठ्यक्रम को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए महत्वपूर्ण साधन होंगे। हाल में बोर्ड ने इनके विषय में समझाने के लिए एक वेबिनार भी आयोजित किया था। जिसमें शिक्षक टेस्ट पेपर कैसे डिजाइन कर सकते हैं, इसके संबंध में भी जानकारी दी गई।